National News: इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक डिजिटल अभियान तेजी से वायरल हो रहा है। युवाओं की बेरोजगारी और सिस्टम के प्रति नाराजगी से उपजा यह आंदोलन सोशल मीडिया पर एक बड़ी राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है। कुछ ही दिनों में लाखों युवाओं ने इससे जुड़कर अपनी आवाज बुलंद की है।
इस आंदोलन की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी से हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर युवाओं को ‘कॉकरोच’ के समान बताया था। हालांकि, बाद में सीजेआई ने इस पर स्पष्टीकरण दिया कि उनकी टिप्पणियों को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से पेश किया है।
व्यंग्य और गंभीर मांगों का मिश्रण
इस डिजिटल पार्टी ने अपना एक घोषणा पत्र भी जारी किया है, जो व्यंग्य के साथ-साथ गंभीर राजनीतिक सुधारों की मांग करता है। इनकी प्रमुख मांगों में कैबिनेट में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण, पाला बदलने वाले जनप्रतिनिधियों पर 20 साल का चुनावी प्रतिबंध और सेवानिवृत्त जजों को राज्यसभा पद न देने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पार्टी का लक्ष्य सिस्टम की कमियों पर कटाक्ष करना और युवाओं की हताशा को रचनात्मक तरीके से अभिव्यक्त करना है। इसका टैगलाइन— ‘वॉयस ऑफ लेजी एंड अनएप्लाइड’—सीधे उन युवाओं को संबोधित करता है जो रोजगार न मिलने के कारण खुद को हाशिए पर महसूस करते हैं। यह आंदोलन पूरी तरह से इंटरनेट संस्कृति और मीम्स पर आधारित है।
अभिजीत डिपके की पहल और बढ़ता प्रभाव
इस अनूठे अभियान की शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत डिपके ने 16 मई को की थी। सोशल मीडिया पर एक गूगल फॉर्म शेयर कर उन्होंने लोगों को पार्टी से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया। महज पांच दिनों में, इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इंस्टाग्राम पर 60 लाख से अधिक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 1.26 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं।
पार्टी की सदस्यता के लिए कुछ दिलचस्प शर्तें रखी गई हैं, जैसे कि आवेदक का बेरोजगार, आलसी और सोशल मीडिया पर सक्रिय होना आवश्यक है। यह आंदोलन स्पष्ट करता है कि आज का युवा अपनी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए अब परंपरागत माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल व्यंग्य और तकनीक का उपयोग बखूबी करना जानता है।
Author: Ajay Mishra


