Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच देशों के अपने बेहद सफल विदेशी दौरे से स्वदेश लौटते ही आज शाम एक महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक से देश के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को दिल्ली में ही रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आज शाम 4 बजे होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शासन व्यवस्था और पश्चिम एशिया के ताजा संकट पर बहुत विस्तृत चर्चा होगी।
मंत्रियों को दिल्ली में रहने का फरमान और पश्चिम एशिया संकट
सरकार के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी खुद इस बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का आयोजन दिल्ली के सेवा तीर्थ में किया गया है। इसमें स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों समेत पूरी कैबिनेट को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा गया है।
बैठक में मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले आर्थिक असर की समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, ईंधन आपूर्ति और बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर पहले से ही काफी सतर्क नजर आ रही है।
इस बड़े संकट पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह काम कर रहा है। इस विशेष समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। यह टीम देश को किसी भी व्यवधान से बचाएगी।
मोदी 3.0 सरकार की पहली वर्षगांठ से ठीक पहले बड़ा फेरबदल?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोदी 3.0 सरकार की पहली वर्षगांठ 10 जून को है। इस महत्वपूर्ण तारीख से ठीक पहले बुलाई गई इस बैठक के गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि मोदी कैबिनेट में विस्तार और बड़े फेरबदल की तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं।
माना जा रहा है कि जून के दूसरे सप्ताह में केंद्र सरकार में कई बड़े चौंकाने वाले संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री स्वयं सभी मंत्रालयों के अब तक के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं। मंत्रियों के काम के आधार पर उनके विभागों में बदलाव की पूरी संभावना है।
इससे पहले पीएम मोदी यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की अपनी सफल यात्रा पूरी कर बुधवार रात को रोम से भारत के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ रक्षा और व्यापार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की थी।
Author: Harikarishan Sharma

