आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा प्रहार, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

Delhi News: देश में आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ बढ़ गया है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।

चुनावी नतीजे आते ही सरकार ने बदला अपना रुख

ईंधन की इस मूल्य वृद्धि को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमने पहले ही इस बढ़ोतरी की चेतावनी दी थी। चुनाव के दौरान सरकार ने अपनी ऐसी किसी भी मंशा से साफ इनकार किया था। जनता अब उनकी असल नीयत देख रही है।

एक ही बार में क्यों नहीं बढ़ाते पूरे दाम

पवन खेड़ा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर दिन थोड़ा-थोड़ा रेट बढ़ाने से अच्छा है कि सरकार एक ही दिन पूरा दाम बढ़ा दे। इस तरह किस्तों में दाम बढ़ाकर देश की गरीब जनता को हर रोज परेशान किया जा रहा है।

दिल्ली सहित अन्य महानगरों में ईंधन के नए दाम

इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल का भाव भी बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी दोनों के दामों में तीन-तीन रुपये की बड़ी वृद्धि हुई थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से कच्चे तेल में उछाल

वैश्विक कारणों की बात करें तो अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद संकट गहराया है। इसके कारण तेहरान की जवाबी कार्रवाई से होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही बाधित हुई है। इस वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

भारी वित्तीय नुकसान झेल रही हैं देश की तेल कंपनियां

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में आए भारी उछाल के बावजूद खुदरा ईंधन दरों को काफी समय तक स्थिर रखा गया था। सरकार का दावा है कि उसने उपभोक्ताओं को वैश्विक ऊर्जा लागत से बचाने के लिए यह कदम उठाया था। हालांकि इस वजह से घरेलू तेल विपणन कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रतिदिन हो रहा 750 करोड़ रुपये का भारी घाटा

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इस मूल्य वृद्धि के बाद भी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं। अलग-अलग राज्यों में वैट की दरों में अंतर होने के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमतें अलग-अलग दिखाई दे रही हैं।

मुंबई और कोलकाता में आसमान छू रही हैं कीमतें

ताजा बढ़ोतरी के बाद मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये लीटर हो गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 104.49 रुपये और डीजल की कीमत 96.11 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है।

क्रिसिल के अनुसार तेल कंपनियों का वास्तविक नुकसान

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार हालिया मूल्य वृद्धि के बाद भी स्थिति चिंताजनक है। तेल कंपनियों को वर्तमान में पेट्रोल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। वहीं डीजल की बिक्री पर कंपनियों को 13 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने की दी सलाह

इस संकट के बीच सरकार ने मार्च में उत्पाद शुल्क में कटौती की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए देश की विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्रा को स्थगित करने का आह्वान किया है।

विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहा है भारी दबाव

ऊर्जा की लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ रहा है। देश में लगातार तीसरे वर्ष चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही अपने विभागों को यात्राएं सीमित करने और ऑनलाइन बैठकें करने के निर्देश दे दिए हैं।

निजी तेल कंपनियों ने पहले ही बढ़ा दिए थे दाम

सरकारी कंपनियों से पहले निजी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने अपने दाम बढ़ा दिए थे। देश की बड़ी निजी ईंधन विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने मार्च में ही पेट्रोल के दाम बढ़ाए थे। वहीं शेल कंपनी बेंगलुरु में 119.85 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 123.52 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल बेच रही है।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर भी हो रहा भारी घाटा

सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं बल्कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बावजूद यह वास्तविक लागत से काफी कम है। तेल कंपनियों को वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले एक घरेलू गैस सिलेंडर पर 674 रुपये का बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।

मुद्रास्फीति को बड़े झटके से बचाने की है रणनीति

उद्योग सूत्रों का कहना है कि सरकार बेहद सोच-विचार कर कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी कर रही है। यह रणनीति एक तरफ तेल कंपनियों के मुनाफे के दबाव को आंशिक रूप से कम करती है। दूसरी तरफ इससे देश की अर्थव्यवस्था को मुद्रास्फीति यानी महंगाई का कोई अचानक बहुत बड़ा झटका नहीं लगेगा।

कांग्रेस ने कहा यह तो सिर्फ महंगाई की शुरुआत है

विपक्षी दल कांग्रेस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर अपना हमला और तेज कर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि आम उपभोक्ताओं पर यह तो महज शुरुआत है, आगे और महंगाई बढ़ेगी। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई में सीएनजी की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी की जा रही है।

Author: Gaurav Malhotra

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