Himachal Pradesh News: अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने बड़ा कदम उठाया है। संगठन ने 20 मई को देशभर में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
ऑनलाइन फार्मेसियों के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे लाखों केमिस्ट
ई-फार्मेसी कंपनियों के अनियंत्रित संचालन और दवाओं पर मिल रही भारी छूट के विरोध में देश के 12 लाख से अधिक दवा विक्रेता लामबंद हो गए हैं। इस देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के केमिस्ट्स ने भी अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
दवा विक्रेता हड़ताल के दौरान स्थानीय प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को एक विस्तृत मांग पत्र भेजेंगे। इसमें जन स्वास्थ्य की सुरक्षा और छोटे दवा व्यापारियों के अस्तित्व को बचाने के लिए केंद्र सरकार से तुरंत कड़े कानून बनाने की मांग की जाएगी। संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
मरीजों की सेहत से खिलवाड़ और नियमों के उल्लंघन का आरोप
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने ऑनलाइन कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक ये डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना किसी वैध और सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के धड़ल्ले से दवाओं की होम डिलीवरी कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर आम मरीजों की जान के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
हिमाचल प्रदेश के दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने भी इस नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ई-फार्मेसी की अत्यधिक छूट देने की अनुचित नीति से पारंपरिक और लाइसेंसधारी दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। कॉर्पोरेट कंपनियां छोटे व्यापारियों को तबाह कर रही हैं।
दवा विक्रेताओं ने की कोरोना काल के नियम हटाने की मांग
केमिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि कोरोना महामारी के समय लागू की गई आपातकालीन अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाए। इस अस्थाई छूट का गलत फायदा उठाकर ऑनलाइन दवा कंपनियां ड्रग रूल्स के नियमों का सरेआम उल्लंघन कर रही हैं। वे मूल पर्ची की अनिवार्यता को भी नहीं मान रही हैं।
Author: Sunita Gupta


