Tamil Nadu News: तमिलनाडु के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अम्मा मक्कल मुन्त्र काझागम (AMMK) ने अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। पार्टी ने मन्नारगुड़ी सीट से अपने इकलौते विधायक एस. कामराज को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
एएमएमके के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि निष्कासित विधायक एस. कामराज को अब विधानसभा में अयोग्यता (Disqualification) का सामना करना पड़ेगा। कामराज पर पार्टी लाइन से पूरी तरह भटकने और नियमों को ताक पर रखने के गंभीर आरोप हैं।
मन्नारगुड़ी विधानसभा सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतने वाले विधायक एस. कामराज ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ जाकर एक बड़ा कदम उठाया था। उन्होंने राज्य विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार का खुला समर्थन किया था।
अकेले विधायक पर भी लागू होंगे दलबदल कानून के सख्त नियम
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा रही एएमएमके ने पिछले चुनावों में अन्नाद्रमुक, भाजपा और पीएमके के साथ मिलकर कुल 11 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई थी। हालांकि, इस पूरे गठबंधन में एएमएमके की तरफ से केवल मन्नारगुड़ी निर्वाचन क्षेत्र में कामराज ही जीत का परचम लहरा सके थे।
विधायक कामराज द्वारा टीवीके सरकार को समर्थन दिए जाने के इस कदम को पार्टी प्रमुख दिनाकरन ने घोर विश्वासघात और अनुशासनहीनता करार दिया है। इसी के चलते उन्होंने 12 मई को ही कामराज को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था और अब उनकी सदस्यता खत्म करने की तैयारी है।
टीटीवी दिनाकरन ने कानूनी स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा कि देश के संवैधानिक नियमों के मुताबिक भले ही कोई अकेला विधायक पार्टी छोड़े या दलबदल करे, उस पर विधानसभा सदस्यता की अयोग्यता के प्रावधान हूबहू और पूरी तरह लागू होते हैं। ऐसे में कामराज की विधायकी जाना अब लगभग तय माना जा रहा है।
Author: Karthik Srinivasan

