Uttar Pradesh News: गोरखपुर के मोहद्दीपुर उपकेंद्र से जुड़े बिछिया क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के लिए रविवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। बिजली निगम ने बिछिया फीडर के अत्यधिक भार को कम करने के लिए इसे दो हिस्सों में बांट दिया है। इसके साथ ही ‘अयोध्यापुरम’ नाम से एक बिल्कुल नया फीडर शुरू किया गया है।
इस नववर्षीय और आधुनिक फीडर से इलाके के करीब 3100 घरों को सीधे जोड़ दिया गया है। नया फीडर चालू हो जाने के बाद अब स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी के इस मौसम में लो-वोल्टेज, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती की पुरानी गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।
दूरी और भारी लोड के कारण गर्मी में बेकाबू हो जाते थे हालात
गोरखपुर महानगर के भीतर बिजली आपूर्ति को लेकर सबसे ज्यादा त्राहि-त्राहि हमेशा बिछिया क्षेत्र में ही मची रहती थी। मोहद्दीपुर उपकेंद्र से इस इलाके की दूरी काफी ज्यादा होने और आबादी के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ने से गर्मियों में यहां के हालात पूरी तरह बेकाबू हो जाते थे, जिससे आम जनता परेशान थी।
इस विकट समस्या को ध्यान में रखते हुए बिजली निगम काफी लंबे समय से किसी वैकल्पिक और ठोस व्यवस्था की तलाश में जुटा हुआ था। इस संकट को दूर करने के लिए शुरुआत में बिजली निगम की ओर से बिछिया क्षेत्र में ही एक नया बिजली उपकेंद्र स्थापित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किया गया था।
जमीन न मिलने से वापस लौट गया था बजट
विद्युत विभाग ने वर्ष 2020 में नए उपकेंद्र का शिलान्यास भी धूमधाम से कर दिया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर उचित भूमि न मिलने की वजह से आवंटित बजट को मजबूरी में वापस करना पड़ा था। पिछले वर्ष बिछिया क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण कई दिनों तक हिंसक हंगामा भी हुआ था।
उग्र प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित लोगों ने मुख्य अभियंता के सरकारी आवास की चहारदीवारी फांदकर अंदर घुसने की कोशिश भी की थी। अब प्रशासन की सूझबूझ से यह नया उपकेंद्र नंदानगर इलाके में बनने जा रहा है, जिससे भविष्य में इस पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को एक नया और मजबूत ढांचा मिल सकेगा।
जानिए किस क्षेत्र को मिली कितनी ट्रांसफार्मर क्षमता
अधिशासी अभियंता सतीश कुमार जायसवाल ने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देने के लिए यह नया फीडर शाम से शुरू कर दिया गया है। नए विभाजन के तहत विवेकनगर को 400 केवीए, खजुरहिया को 400 व 250 केवीए, ताड़ीखाना को 400 केवीए के दो और काशीपुरम को 400 व 250 केवीए की क्षमता मिली है।
Author: Ajay Mishra


