Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों के चुनाव नतीजे आने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्षी दल भाजपा ने कई प्रमुख सीटों पर बड़ी जीत का दावा किया है। वहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी कुल सीटों के आधार पर खुद को आगे बता रही है।
कांग्रेस के कई मजबूत किलों में भाजपा की भारी सेंधमारी
इन स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी दल कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह निर्वाचन क्षेत्र हरोली की संतोखगढ़ नगर परिषद को भाजपा ने जीत लिया है। भाजपा ने यहां की 9 में से 6 सीटों पर एकतरफा कब्जा जमाया है।
इसके अलावा कांग्रेस का सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले शिमला जिले में भी पार्टी को भारी नुकसान हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के गृह नगर रामपुर और ठियोग नगर पंचायत में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है। कोटखाई और चौपाल में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं।
जिला मुख्यालय बिलासपुर की 11 सीटों में से 9 पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं झंडुता नगर पंचायत की 7 में से 5 सीटें भी भाजपा के खाते में गई हैं। हालांकि घुमारवीं नगर परिषद में कांग्रेस ने अच्छी वापसी करते हुए 9 में से 7 सीटें जीती हैं।
कांगड़ा में कांग्रेस की वापसी और दोनों दलों के दावे
प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है। ज्वालामुखी, देहरा और नूरपुर में कांग्रेस पार्टी का चुनावी प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। ज्वालामुखी और नूरपुर में कांग्रेस को 6-6 सीटें मिली हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इन नतीजों को वर्तमान सुक्खू सरकार के खिलाफ बड़ा जनादेश बताया है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने कांग्रेस के कुशासन को पूरी तरह नकार दिया है। भाजपा ने 25 नगर परिषदों में से 18 पर अपना परचम लहराया है।
दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव हरि कृष्ण हिमराल ने भाजपा के सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि 47 नगर निकायों में से 30 स्थानों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बढ़त मिली है। शिमला में भी कांग्रेस ने 40 सीटें जीती हैं।
Author: Sunita Gupta

