Solan News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ स्थित उप कारागार किशनपुरा में बंदियों द्वारा खूनी तांडव मचाने की बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जेल के भीतर ड्यूटी पर मुस्तैद एक वार्डर पर कुछ हिंसक कैदियों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी झड़प से पूरी जेल में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने इस हिंसक वारदात के बाद मानपुरा थाने में दोषी बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक मंडी जिले के थाची गांव के रहने वाले रोहित कुमार किशनपुरा जेल में वार्डर हैं। जब वह बैरक के पास निगरानी ड्यूटी कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ।
बैरक की निगरानी के दौरान हिंसक कैदियों ने घेरा
ड्यूटी के दौरान सूर्यातेज, दीपक, सुनील, गुरचरण और गगन नाम के बंदियों ने रोहित को चारों तरफ से घेर लिया। इन सभी आरोपियों ने जेल वार्डर पर बिना किसी उकसावे के अचानक लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में रोहित कुमार बुरी तरह लहुलुहान हो गए।
बचाव के लिए चिल्लाने पर रोहित के सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। बैरक के भीतर मचे इस भयंकर शोर को सुनकर जेल हवलदार नंदलाल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल वार्डर को हिंसक कैदियों के चंगुल से छुड़ाने का भरसक प्रयास किया।
हालांकि इन बेखौफ बंदियों ने हवलदार नंदलाल को भी नहीं बख्शा। आरोपियों ने उनके साथ भी जमकर मारपीट की, जिससे वह भी घायल हो गए। इसके बाद जेल में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर दौड़कर स्थिति को जैसे-तैसे नियंत्रित किया।
सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी
जेल प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत में आरोपियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इन बंदियों ने न केवल जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ा, बल्कि सरकारी ड्यूटी में भारी बाधा भी पहुंचाई। आरोपियों ने घायल कर्मियों को जान से मारने की खौफनाक धमकी भी दी।
मानपुरा थाना पुलिस ने इस हिंसक मामले में भारतीय न्याय संहिता और प्रिज़न्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। जेल के भीतर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम इस वारदात को लेकर गहन अन्वेषण कार्यवाही कर रही है। जेल प्रशासन से घटना की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी गई है ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
Author: Raj Thakur


