West Bengal News: पश्चिम बंगाल की नई नवेली शुभेंदु अधिकारी सरकार राज्य में लगातार बड़े एक्शन मोड में नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने घुसपैठियों को लेकर शुरुआत से ही अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने साफ कहा कि सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा।
राज्य के नए प्रशासनिक नियमों के मुताबिक अब किसी भी विदेशी घुसपैठिए को किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। हालांकि इसके साथ ही सरकार ने उन मूल निवासियों को बड़ी राहत दी है जिनके नाम एसआईआर (SIR) के तहत तकनीकी कारणों से काट दिए गए हैं।
सीएए आवेदन करने वालों को मिलती रहेगी सरकारी मदद
उत्तर 24 परगना में मीडिया से बात करते हुए खाद्य एवं सहकारिता मंत्री अशोक कीर्तानिया ने इस संवेदनशील स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी जायज व्यक्ति का एसआईआर से नाम हट भी गया है, तो उसे बिल्कुल भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
ऐसे प्रभावित लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नागरिकता का आवेदन करते ही उन्हें सभी जरूरी सरकारी सुविधाएं मिलती रहेंगी। सरकार उनका राशन और अन्य दैनिक लाभ किसी भी हाल में बंद नहीं करेगी।
गौरतलब है कि सीएए के तहत 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता लेने का पूरा अधिकार है। सामान्य नियमों के तहत भारत की नागरिकता पाने के लिए 11 साल यहां रहना जरूरी है। लेकिन सीएए कानून में इस अवधि को घटाकर केवल 5 साल किया गया है।
अवैध राशन कार्ड जारी करने वाले सिंडिकेट की जांच तेज
ममता सरकार के पुराने कामों की समीक्षा कर रही शुभेंदु सरकार ने अब फर्जी राशन कार्डों को लेकर भी अपनी जांच तेज कर दी है। मंत्री अशोक कीर्तिनिया ने कहा कि वह अपने विभाग के भीतर फैले पुराने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ा सफाई अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई भाजपा सरकार खाद्य विभाग को पूरी तरह से बिचौलियों और भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग अवैध रूप से राशन कार्ड बनाने वाले भ्रष्ट सिंडिकेट को जड़ से खत्म करेगा। कई लोग फॉर्म-10 भरकर राशन कार्ड को फर्जी पहचान पत्र की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।
भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि टीएमसी ने अपना वोट बैंक मजबूत करने के लिए घुसपैठियों को पूरा सपोर्ट किया। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं पर फर्जी भारतीय कागजात बनाने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में एक राजनीतिक कार्यालय से कई संदिग्ध सरकारी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
Author: Sourav Banerjee


