Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद खौफनाक रेल हादसे की खबर आई है। रविवार तड़के तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस में भयानक आग लग गई। ट्रेन संख्या 12431 जब लूनी और आलोट स्टेशन के बीच थी, तब यह हादसा हुआ। आग इतनी भीषण थी कि दो बोगियां पूरी तरह जल गईं। गनीमत रही कि हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं।
सुबह सवा पांच बजे भड़की आग से मची दहशत
यह भयानक हादसा रविवार सुबह करीब सवा पांच बजे हुआ। उस समय ट्रेन के ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक आग की तेज लपटें उठीं और बोगियों में धुआं भर गया। आग देखते ही देखते दो कोचों में बुरी तरह फैल गई। इससे वहां मौजूद यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए लोगों के बीच भारी चीख-पुकार मच गई। कोटा रेल मंडल के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर आपातकालीन अलार्म बजाकर हाई अलर्ट जारी किया।
फायर ब्रिगेड ने बचाई जान, सभी यात्री सुरक्षित
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तेजी से काम किया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस गंभीर हादसे में सभी यात्री सुरक्षित हैं। किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रेलवे ने घबराए हुए यात्रियों के लिए घटनास्थल पर ही चाय और नाश्ते की तुरंत व्यवस्था कराई।
यात्रियों को कोटा भेजा गया, जुड़ेंगे अतिरिक्त कोच
प्रभावित बोगियों के यात्रियों को निकालकर ट्रेन के दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस ट्रेन को अब सीधे कोटा स्टेशन ले जाया जा रहा है। वहां यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में नई अतिरिक्त बोगियां जोड़ी जाएंगी। इसके बाद यह ट्रेन दिल्ली के लिए रवाना होगी। कोटा से रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। वे अब आग लगने के असल कारणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग हुआ पूरी तरह ठप
इस बड़े रेल हादसे का असर यातायात पर बहुत बुरा पड़ा है। दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाले मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। रेलवे ने सुरक्षा कारणों से मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर रोक दिया है। रेलवे की तकनीकी टीमें ट्रैक को साफ करने के काम में युद्धस्तर पर जुटी हैं। विभाग का मुख्य लक्ष्य जल्द से जल्द इस अहम रूट को दोबारा सुचारू करना है।

