Delhi News: दिल्ली नगर निगम (MCD) के बहुप्रतीक्षित चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। रोहिणी पूर्व से तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही दिल्ली के नए महापौर चुन लिए गए हैं। बुधवार को हुए मतदान में वाही को कुल 156 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जरफ को केवल नौ वोटों से संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बार चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी, जिससे भाजपा की राह बेहद आसान हो गई।
मोनिका पंत बनीं उपमहापौर और स्थायी समिति का भी फैसला
महापौर के साथ ही उपमहापौर के पद पर भी भाजपा का कब्जा बरकरार रहा। आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत को भी 156 वोट मिले और वे नई उपमहापौर चुनी गईं। निगम की स्थायी समिति के लिए भी तीन नए सदस्यों का चयन हुआ है। इनमें भाजपा के जय भगवान यादव और मनीष चड्ढा के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के जलज चौधरी ने भी अपनी जगह बनाई है। चुनाव परिणाम आने के बाद सिविक सेंटर में जश्न का माहौल रहा।
कूड़े के पहाड़ों को खत्म करना पहली प्राथमिकता
पदभार संभालने के बाद नवनिर्वाचित महापौर प्रवेश वाही ने दिल्ली की जनता से बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छता के मामले में देश के शीर्ष दस शहरों में शामिल करना है। वाही ने ऐलान किया कि दिल्ली के तीनों लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़) को जल्द से जल्द हटाया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली की सड़कों और गलियों की सफाई के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मशीनें खरीदने की योजना है।
आरएसएस कार्यकर्ता से दिल्ली के प्रथम नागरिक तक का सफर
प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प और संघर्षपूर्ण रहा है। वे मात्र 10 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। 1990 के दशक में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) में सक्रिय भूमिका निभाई और 2002 में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए। रावलपिंडी (पाकिस्तान) से आए एक पंजाबी खत्री परिवार से ताल्लुक रखने वाले वाही ने अपनी शुरुआती शिक्षा पुरानी दिल्ली के एक नगर निगम स्कूल से ही प्राप्त की थी।
राजनीतिक समीकरणों और संख्या बल का खेल
इस साल के महापौर चुनाव के लिए कुल 273 वोट निर्धारित थे, जिनमें निर्वाचित पार्षदों के अलावा विधायक और सांसद भी शामिल थे। जीत के लिए जादुई आंकड़ा 137 वोटों का था, जिसे भाजपा ने आसानी से पार कर लिया। भाजपा की इस जीत में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों का समर्थन निर्णायक साबित हुआ। चुनाव के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया और उन्हें बधाई दी।
विपक्ष के वार और स्वच्छता की चुनौतियां
भले ही आम आदमी पार्टी चुनाव से बाहर रही, लेकिन स्थायी समिति में जीत के बाद उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जनता को केवल झूठे सपने दिखाए हैं। दूसरी ओर, प्रवेश वाही ने स्वीकार किया कि घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करना और कचरे का सही निपटान करना निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निजी भागीदारी के जरिए कचरा प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करेंगे और आपसी समन्वय को बेहतर बनाएंगे।


