Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अपनी सख्त आव्रजन नीति में एक बड़ा और गोपनीय बदलाव किया है। नई नीति के तहत अब विदेशी डॉक्टरों को यात्रा प्रतिबंधों (Travel Ban) से विशेष छूट दी गई है। इस बदलाव के बाद अब विदेशी मूल के डॉक्टर आसानी से वीजा प्राप्त कर सकेंगे और अमेरिका में अपनी चिकित्सा सेवाएं जारी रख पाएंगे। गौरतलब है कि जनवरी में लागू हुए यात्रा प्रतिबंधों के कारण चिकित्सा जगत में बड़ा संकट खड़ा हो गया था, जिसे अब सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
39 देशों के डॉक्टरों पर लटकी थी वर्क परमिट की तलवार
जनवरी 2026 में लागू की गई आंतरिक सुरक्षा विभाग की नीति के कारण दुनिया के 39 देशों के नागरिकों के वीजा विस्तार और ग्रीन कार्ड प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, इस सूची में भारत शामिल नहीं था, लेकिन अन्य देशों के हजारों डॉक्टर प्रभावित हुए थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कई अस्पतालों ने अपने योग्य डॉक्टरों को ‘प्रशासनिक अवकाश’ पर भेज दिया था। कई डॉक्टरों के सामने वर्क परमिट खत्म होने के कारण काम बंद करने का खतरा मंडरा रहा था।
बिना किसी औपचारिक घोषणा के अपडेट हुई वेबसाइट
हैरानी की बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं (USCIS) ने पिछले सप्ताह के अंत में चुपचाप अपनी आधिकारिक वेबसाइट को अपडेट कर दिया। अपडेटेड जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की वीजा प्रोसेसिंग पर लगी रोक अब पूरी तरह हटा दी गई है। ‘द टाइम्स’ द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में आंतरिक सुरक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि डॉक्टरों के आवेदनों और वर्क परमिट की प्रोसेसिंग अब पहले की तरह जारी रहेगी।
65,000 डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है अमेरिका
अमेरिकी प्रशासन का यह यू-टर्न देश में स्वास्थ्य सेवाओं की चरमराती स्थिति को देखते हुए लिया गया है। ‘एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन मेडिकल कॉलेजों’ के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका इस समय लगभग 65,000 डॉक्टरों की भारी कमी का सामना कर रहा है। आने वाले दशक में यह संकट और गहरा होने की आशंका है क्योंकि अमेरिकी आबादी की जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है और बड़ी संख्या में अनुभवी डॉक्टर रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में विदेशी डॉक्टरों को रोकना अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित हो सकता था।
अस्पतालों और मरीजों ने ली राहत की सांस
वीजा नीति में इस ढील के बाद अमेरिकी अस्पतालों और वहां के मरीजों ने राहत की सांस ली है। विदेशी डॉक्टर अमेरिका के ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। आंतरिक सुरक्षा विभाग के बयान के बाद अब उन हजारों डॉक्टरों के वर्क परमिट रिन्यू होने का रास्ता साफ हो गया है जो हफ्तों से अनिश्चितता के साये में थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन की व्यावहारिक सोच को दर्शाता है, जहां राष्ट्रीय जरूरतों को सख्त नीतियों पर प्राथमिकता दी गई है।


