Islamabad News: संयुक्त अरब अमीरात ने अपने पुराने सहयोगी पाकिस्तान को हाल ही में तीन बड़े और अप्रत्याशित झटके दिए हैं। यूएई ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर सख्त रुख अपनाकर इस्लामाबाद की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। इस भारी तनाव के कारण पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर अचानक बहुत ज्यादा दबाव पड़ा है। एक तरफ यूएई पाकिस्तान से लगातार अपनी दूरी बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ वह भारत के साथ अपने कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को बहुत तेजी से मजबूत कर रहा है।
एतिहाद एयरवेज से पाकिस्तानी कर्मचारियों की अचानक छुट्टी
हाल ही में यूएई की प्रमुख एयरलाइन एतिहाद एयरवेज ने बड़ा कदम उठाया है। उसने अबू धाबी में काम कर रहे पंद्रह पाकिस्तानी कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाल दिया। इन सभी को बिना सूचना के सीधे इमिग्रेशन ऑफिस बुलाया गया। अधिकारियों ने उन्हें मात्र अड़तालीस घंटे के भीतर देश छोड़ने का सख्त आदेश दिया। इस पूरी प्रक्रिया में सामान्य एचआर नियमों का बिल्कुल पालन नहीं किया गया। निकाले गए लोगों में कई वरिष्ठ कर्मचारी भी शामिल हैं।
अरबों डॉलर के भारी कर्ज की अचानक वापसी की मांग
पाकिस्तान को दूसरा बड़ा झटका भारी कर्ज की वापसी के रूप में लगा। यूएई ने अचानक अपने तीन दशमलव पैंतालीस अरब डॉलर के कर्ज की तत्काल मांग कर दी। यह भारी रकम साल दो हजार उन्नीस में भुगतान संतुलन सुधारने के लिए दी गई थी। पाकिस्तान सरकार को उम्मीद थी कि यूएई अभी इस पैसे का दबाव नहीं बनाएगा। इस अप्रत्याशित मांग के बाद पाकिस्तान को सऊदी अरब के नए फंड से कर्ज चुकाना पड़ा।
पाकिस्तान से बाहर निकल सकती है प्रमुख टेलीकॉम कंपनी
यूएई का यह सख्त रवैया केवल कूटनीति तक ही सीमित नहीं है। इसका सीधा असर दोनों देशों के व्यापार पर भी दिखने लगा है। यूएई की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ‘ईएंड’ अब पाकिस्तान से बाहर निकलने पर विचार कर रही है। यह कंपनी पाकिस्तान की सरकारी टेलीकॉम कंपनी में छब्बीस प्रतिशत की हिस्सेदार है। इसके अलावा कंपनी का पूरा प्रबंधन भी इसी के पास मौजूद है। इस बड़े कदम से पाकिस्तान के दूरसंचार क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया है।
आखिर पाकिस्तान पर क्यों शिकंजा कस रहा है यूएई?
विशेषज्ञों के अनुसार यूएई के इस कड़े रुख के पीछे कुछ अहम भू-राजनीतिक कारण हैं। ईरान और अन्य क्षेत्रीय तनाव के मुद्दों पर पाकिस्तान के तटस्थ रवैये से यूएई काफी नाराज है। यूएई लगातार चाहता था कि इस्लामाबाद इन गंभीर मामलों में स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाए। पाकिस्तान के ढुलमुल रवैये ने अबू धाबी को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इसी वजह से यूएई अब इस्लामाबाद से दूरी बनाकर भारत के साथ दोस्ती बढ़ा रहा है।


