US Iran Tension: क्या रुक जाएगा खाड़ी का महायुद्ध? डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा- बातचीत के जरिए युद्धविराम समझौता काफी हद तक संभव

World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच एक बहुत बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे हिंसक संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एक बड़ा युद्धविराम समझौता अब काफी हद तक संभव हो गया है।

शांति समझौते के अंतिम बिंदुओं पर चर्चा तेज

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अब कूटनीतिक वार्ता का मुख्य फोकस शांति स्थापित करने के लिए तैयार किए गए समझौता ज्ञापन के अंतिम बिंदुओं पर है। इस ऐतिहासिक समझौते से खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि इस प्रस्तावित शांति समझौते के तहत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है। भीषण सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार का यह मुख्य समुद्री मार्ग लगभग पूरी तरह बंद होने की कगार पर पहुंच गया था।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह बहुपक्षीय बातचीत केवल वाशिंगटन और तेहरान के बीच सीमित नहीं है। इस शांति प्रक्रिया में मध्य पूर्व और खाड़ी देशों के नेता भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ चर्चा जारी है।

घोषणा से पहले कई वैश्विक नेताओं से बात

औपचारिक घोषणा से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और जॉर्डन के शीर्ष नेताओं से बात की। उन्होंने मिस्र, तुर्की और बहरीन के अधिकारियों से भी मंत्रणा की। इसके अलावा उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग से विस्तार से चर्चा की।

वार्ता को सकारात्मक बताते हुए ट्रंप ने कहा कि पूरा ध्यान ‘शांति से संबंधित समझौता ज्ञापन’ पर है। कुछ दिन पहले ट्रंप ने वार्ता विफल होने पर ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हालांकि खाड़ी देशों की संयम बरतने की अपील के बाद हमलों को रोका गया।

पाकिस्तान और ईरान ने भी दिए सकारात्मक संकेत

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हालिया ईरान यात्रा के बाद इन राजनयिक कोशिशों को नई ताकत मिली है। पाकिस्तानी सेना ने इस यात्रा को अत्यंत फलदायी बताया है। इसके बाद अटकलें तेज हैं कि क्षेत्रीय शक्तियां संघर्ष बढ़ने से पहले ही इसका स्थायी समाधान चाहती हैं।

ईरान ने भी स्वीकार किया है कि पर्दे के पीछे चल रही यह बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि तेहरान एक विशेष 14 सूत्रीय रूपरेखा पर गंभीरता से काम कर रहा है। यही रूपरेखा अंतिम समझौते का मुख्य आधार बनेगी।

ईरानी सरकारी टेलीविजन पर बोलते हुए बाक़ाई ने कहा कि दोनों देश समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ताकि अगले एक-दो महीनों में आगे की बातचीत जारी रह सके। हालांकि उन्होंने पूर्व के कड़वे अनुभवों को देखते हुए अमेरिका के प्रति सतर्कता बरतने की बात भी कही।

28 फरवरी को भड़की थी युद्ध की चिंगारी

यह भीषण संघर्ष 28 फरवरी को तब भड़का था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए। हालांकि अप्रैल की शुरुआत से जमीनी लड़ाई काफी हद तक थम चुकी है।

तनाव थमने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी बड़े विवादित मुद्दे हैं। इसके अलावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और जमे हुए ईरानी फंड तक पहुंच जैसे गंभीर विषय अब भी अनसुलझे हैं।

Author: Pallavi Sharma

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