World News: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में बुधवार को एक बड़ा मोड़ आया है। दोनों देशों ने दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर अपनी सहमति जता दी है। इस फैसले के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है। इसी बीच ईरान ने एक अहम कदम उठाया है। उसने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए नई नेविगेशन एडवाइजरी जारी की है। यह महत्वपूर्ण कदम समुद्र में बिछी खतरनाक बारूदी सुरंगों से जहाजों को पूरी तरह बचाने के लिए उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट का व्यापारिक महत्व
यह जानना जरूरी है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री मार्ग है। इस संकरे रास्ते से दुनिया के करीब बीस प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई होती है। अट्ठाइस फरवरी को अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का भीषण युद्ध शुरू हुआ था। इस भयंकर तनाव के कारण तेहरान ने इस पूरे मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया था। इसके बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट का बड़ा खतरा पैदा हो गया था। अब सीजफायर से नई उम्मीद जगी है।
इजरायली हमले से फिर बढ़ा तनाव
सीजफायर लागू होने के बाद शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का दावा किया गया था। लेकिन बुधवार को सामने आई कुछ नई रिपोर्ट्स ने सबको चौंका दिया है। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद इस समुद्री मार्ग को फिर से बंद कर दिया गया। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि इजरायल का यह ताजा हमला युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन है। इससे इस पूरे क्षेत्र में एक बार फिर से भारी अस्थिरता का माहौल बन गया है।
समझौते की शर्तें और इजरायल का इनकार
ईरान और अमेरिका के बीच हुए इस संघर्ष विराम समझौते की कुछ अहम शर्तें हैं। इसके अंतर्गत दोनों देशों ने तुरंत एक दूसरे पर अपने सैन्य हमले रोक दिए हैं। समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज से सभी जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। यह भी दावा किया जा रहा है कि इस अहम समझौते में इजरायल को लेबनान पर हमले रोकने को कहा गया था। हालांकि, इजरायल की सरकार ने आधिकारिक रूप से ऐसी किसी भी शर्त से साफ इनकार कर दिया है।
समुद्री सुरक्षा के लिए आईआरजीसी के निर्देश
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने व्यावसायिक जहाजों के लिए कुछ कड़े निर्देश जारी किए हैं। आईआरजीसी ने स्पष्ट बताया है कि होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को अब एक नया पैटर्न फॉलो करना ही होगा। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करना है। इससे समुद्र के भीतर मौजूद बारूदी सुरंगों का भारी जोखिम भी कम होगा। ईरान की इस नई एडवाइजरी में जहाजों के एग्जिट और एंट्री के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर भी तय किया गया है।


