Delhi News: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत ने वैश्विक मंच पर बहुत बड़ा कदम उठाया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। भारत ने साफ कहा कि चालक दल की जान जोखिम में डालना अब बर्दाश्त नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही को रोकना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। भारत सुरक्षित समुद्री मार्ग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरा समर्थन करता है।
भारतीय जहाज पर हुए कायरतापूर्ण हमले से भड़का भारत
भारतीय राजनयिक पार्वथानेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। यह विशेष बैठक दुनिया भर में ऊर्जा और आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में भारत ने दो टूक लहजे में अपनी बात रखी है।
दरअसल कुछ दिन पहले ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर बड़ा हमला हुआ था। सोमालिया से आ रहे इस भारतीय जहाज पर 13 मई 2026 को हमला किया गया। हालांकि ओमान के सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए चालक दल के सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था।
पश्चिम एशिया संकट से दुनिया में ईंधन और उर्वरक की भारी किल्लत
भारतीय राजनयिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस मुद्दे को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा और उर्वरक का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए भारत ने अपना ठोस दृष्टिकोण रखा है।
हरीश ने कहा कि इस बड़े वैश्विक आर्थिक संकट से निपटने के लिए सभी देशों को तुरंत एकजुट होना होगा। इसके लिए कुछ अल्पकालिक और बड़े संरचनात्मक उपाय करने बेहद जरूरी हैं। उन्होंने बैठक में दोहराया कि होर्मुज जलमार्ग में भारतीय क्रू की जान को खतरे में डालना बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के टकराव ने बढ़ाई वैश्विक टेंशन
गौरतलब है कि इस साल फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय ध्वज वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी 2026 को उस समय युद्ध भड़क उठा था, जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर भीषण हवाई हमले किए थे।
ईरान ने भी इस हमले का करारा जवाब दिया, जिससे पूरा इलाका युद्ध के मैदान में बदल गया। इस भीषण सैन्य टकराव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आना-जाना बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस मार्ग पर असुरक्षा बढ़ने से भारत सहित वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है।
जानिए क्यों बेहद खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का समुद्री रास्ता
रणनीतिक रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ओमान के तट के पास स्थित एक बहुत ही संकरा और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति यानी कच्चे तेल का व्यापार इसी जलमार्ग से होता है। यही वजह है कि भारत जहाजों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं। हाल ही में इस इलाके में दो बड़े व्यापारिक जहाज डूब गए थे। भारत इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर लगातार मित्र देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
Author: Gaurav Malhotra

