पाकिस्तान में सेना प्रमुख संभालेंगे जनसंख्या नियंत्रण की कमान, पीएम शहबाज शरीफ ने बनाई हाई-लेवल कमेटी

Islamabad News: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की भूमिका अब केवल सैन्य और सुरक्षा मामलों तक सीमित नहीं होगी। कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान की सरकार ने उन्हें देश की तेजी से बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए बनाई गई एक बेहद उच्चस्तरीय विशेष समिति में शामिल किया है।

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पाकिस्तानी स्वास्थ्य मंत्री सैयद मुस्तफा कमाल ने आधिकारिक तौर पर बताया कि सरकार बढ़ती जनसंख्या को राष्ट्रीय प्राथमिकता मान रही है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है, जिसमें सेना प्रमुख को बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आर्थिक बदहाली के बीच संसाधनों पर बढ़ा भारी दबाव

पाकिस्तान की आबादी इस समय 25.9 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जिसके कारण वह दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा आबादी वाला देश बन गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि साल 2030 तक पाकिस्तान इंडोनेशिया को भी पछाड़कर दुनिया में चौथे स्थान पर आ जाएगा, जो उसके लिए बड़ी चुनौती है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह बेकाबू आबादी सीमित संसाधनों पर भारी बोझ बन रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में हर साल करीब 67 लाख नवजात बच्चों का जन्म होता है। परिवार नियोजन के साधनों की भारी कमी इस संकट की सबसे मुख्य वजह है।

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संसाधनों के बंटवारे के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

आबादी की रफ्तार को रोकने के लिए सरकार अब वित्तीय संसाधनों के वितरण के पुराने नियमों को बदलने की तैयारी में है। अभी तक प्रांतों को 80 फीसदी बजट जनसंख्या के आधार पर मिलता था, जिसे घटाकर अब 50 फीसदी से भी कम करने का एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है।

सरकार के इस कड़े फैसले से पाकिस्तान में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सबसे अधिक आबादी वाले पंजाब प्रांत को इससे भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है, जो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का राजनीतिक गढ़ है। विशेषज्ञों ने गंभीर सुरक्षा चुनौतियों के बीच सेना प्रमुख को यह काम सौंपने पर सवाल उठाए हैं।

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