बारिश के मौसम में पैरों को फंगल इंफेक्शन से बचाने के लिए छोड़ें ये 5 खराब आदतें

New Delhi News: मानसून के सुहावने मौसम में सेहत के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही आपको गंभीर रूप से बीमार बना सकती है। बारिश के दिनों में पैरों में फंगल इंफेक्शन, एक्जिमा और बदबू आना बेहद आम समस्या है। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, पैरों की ठीक से सफाई न करने के कारण बैक्टीरिया और जर्म्स बहुत तेजी से फैलते हैं।

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अक्सर लोग घर के भीतर गीले हिस्सों में जाते समय पैरों में चप्पल पहनना जरूरी नहीं समझते हैं। नंगे पैर घूमने से उंगलियों के बीच नमी जमा हो जाती है, जो फंगस को दावत देती है। बाथरूम या आंगन जैसे गीले एरिया में हमेशा रबर की चप्पल पहनें, जिससे पैर सूखे और पूरी तरह सुरक्षित रहें।

बारिश में लेदर शूज पहनने से बचें

वर्षा ऋतु में रोजाना ऑफिस जाने के लिए लेदर शूज का इस्तेमाल करना पैरों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। चमड़े के जूते बहुत तेजी से नमी को सोखते हैं और बैक्टीरिया को अपने अंदर ट्रैप कर लेते हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा दोगुना हो जाता है, इसलिए वाटरप्रूफ फुटवियर चुनें।

गीलेपन से बचने के लिए मोजा पहनने से पहले पैरों को तौलिये से अच्छी तरह पोंछना बेहद जरूरी माना जाता है। पैरों की उंगलियों और नाखूनों के कोनों में छिपा गीलापन फंगल इंफेक्शन का मुख्य कारण बनता है। पूरी तरह सूखने के बाद ही पैरों में साफ जुराबें पहननी चाहिए।

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नाखूनों को ज्यादा छोटा न काटें

हाइजीन के चक्कर में पैर के नाखूनों को त्वचा के बिल्कुल करीब से बहुत ज्यादा छोटा काटना एक गलत आदत है। छोटे नाखूनों के अंदरूनी हिस्सों में गंदगी, जर्म्स और बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। इसके कारण नाखूनों के आसपास तेज दर्द, लालिमा और सूजन की समस्या शुरू हो जाती है।

मानसून के दौरान हर दिन एक ही जूता लगातार पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि उन्हें सूखने में लंबा समय लगता है। जूतों के भीतर मौजूद नमी को पूरी तरह खत्म करने के लिए एंटी फंगल पाउडर का नियमित उपयोग करें। इसके अलावा हेयर ड्रायर की गर्म हवा से उन्हें अच्छी तरह सुखाएं।

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