Smartphone Blast Danger: 43 डिग्री की खौलती गर्मी में बम बन सकता है आपका मोबाइल! भूलकर भी न करें ये गलतियां, आज ही अपनाएं ये टिप्स

Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में सूरज के तीखे तेवरों के बीच आज पारा रिकॉर्ड 43 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक पहुंच गया है। यह भीषण और चिलचिलाती गर्मी न सिर्फ इंसानों बल्कि आपके महंगे स्मार्टफोन के सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) और लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी के लिए भी किसी बड़े दुश्मन से कम नहीं है। अत्यधिक तापमान की वजह से आजकल के ज्यादातर मॉडर्न मोबाइल डिवाइसेज में ‘थर्मल थ्रॉटलिंग’ (TT) की गंभीर समस्या पैदा होने लगती है। इसके कारण आपका फोन या तो बेहद धीमा हो जाता है या फिर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है।

हार्डवेयर और परफॉर्मेंस पर पड़ता है बुरा असर

मौसम के इस कड़े मिजाज में अपने कीमती गैजेट्स को सुरक्षित रखना हर मोबाइल यूजर की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। तेज गर्मी स्मार्टफोन के आंतरिक हार्डवेयर की परफॉर्मेंस को बहुत जल्दी और हमेशा के लिए खराब कर देती है। अत्यधिक हीटिंग का दबाव पड़ने पर बैटरी की कुल चार्जिंग क्षमता स्थाई रूप से घट जाती है। इसके अलावा भारी गेमिंग या इंटरनेट ब्राउजिंग के दौरान आपको अचानक फोन में काफी लैग (Lag) महसूस होने लगता है। कई बार तो स्क्रीन पर ‘इमरजेंसी हीट वॉर्निंग’ का ऑटोमेटेड मैसेज भी फ्लैश होने लगता है।

चिलचिलाती धूप में चार्जिंग करने से बचें

यह सुरक्षा मैसेज एक तरह का इन-बिल्ट ऑटोमेटेड फीचर है, जो फोन के नाजुक हार्डवेयर को पूरी तरह से ब्लास्ट होने या बर्बाद होने से बचाता है। इसलिए दिल्ली-एनसीआर की इस 43°C वाली जानलेवा गर्मी में अपने हाई-एंड स्मार्टफोन का खास ख्याल रखना शुरू कर दें। इस मौसम में सबसे पहली सावधानी यह बरतें कि स्मार्टफोन को सीधे कड़कती सनलाइट में कभी भी चार्ज न करें। फास्ट चार्जिंग की प्रक्रिया के दौरान फोन के भीतर का तापमान बहुत तेजी से रासायनिक रूप से बढ़ता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

बंद कार में मोबाइल छोड़ना हो सकता है जानलेवा

फोन को सुरक्षित रखने के लिए चार्जिंग के वक्त उस पर लगे मोटे सिलिकॉन या प्लास्टिक के प्रोटेक्टिव केस और कवर को तुरंत हटा दें। ऐसा करने से फोन के अंदर पैदा होने वाली हीट आसानी से हवा में बाहर निकल जाती है। इसके साथ ही, आज के दिन अपने फोन को धूप में खड़ी किसी बंद कार के अंदर छोड़ने की भूल बिल्कुल न करें। बंद गाड़ियों के भीतर का तापमान बाहरी वातावरण से दोगुना तेजी से खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इससे फोन की डिस्प्ले स्क्रीन डैमेज हो सकती है या बैटरी फूल (Battery Swelling) सकती है।

वाई-फाई राउटर को भी सुरक्षित रखना जरूरी

भीषण गर्मी के इस दौर में अपने घर या ऑफिस के वाई-फाई (Wi-Fi) राउटर को भी नजरअंदाज करने की भूल न करें। इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को हमेशा खुली, छायादार और हवादार जगह पर ही इंस्टॉल करें। इन्हें कभी भी ऐसी खिड़कियों या कोनों के पास न रखें जहां दिनभर सीधी और तेज धूप आती हो। एक और सबसे जरूरी बात जो हर यूजर को पता होनी चाहिए—गर्म हो चुके फोन को तुरंत ठंडा करने की चाहत में कभी भी फ्रिज या डीप फ्रीजर में न रखें। ऐसा करने से फोन के भीतर अचानक नमी (Moisture) जमा हो जाती है।

सॉफ्टवेयर अपडेट और सेटिंग्स में करें ये बदलाव

यह आंतरिक नमी फोन के बेहद नाजुक इलेक्ट्रॉनिक मदरबोर्ड सर्किट को शॉर्ट-सर्किट के जरिए हमेशा के लिए ठप कर देती है। ऐसी मानवीय गलतियों की वजह से आपको मिलने वाली ‘मैन्युफैक्चरर वारंटी’ (MW) भी तुरंत रद्द हो सकती है। अपने डिवाइसेज की सुरक्षा के लिए कंपनी द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट्स को आज ही चेक करके इंस्टॉल करें। ये नए अपडेट्स अक्सर फोन के ‘थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम’ (TMS) को पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाते हैं।

इसके अतिरिक्त, बिजली की खपत और हीटिंग को कम करने के लिए अपने मोबाइल स्क्रीन की ब्राइटनेस को हमेशा घटाकर ऑटो-मोड पर रखें। मुख्य प्रोसेसर पर लॉजिकल लोड कम करने के लिए बैकग्राउंड में चल रहे गैर-जरूरी ऐप्स और जीपीएस जैसी लोकेशन सर्विसेज को तुरंत बंद कर दें। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद काम की आदतों को अपनाकर आप भारत की इस भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी में अपने महंगे गैजेट्स और खुद को पूरी तरह से सुरक्षित रख सकते हैं।

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