झुंझुनूं का लाल देश सेवा में कुर्बान: प्रमोशन मिलने से पहले तिरंगे में लिपटा सपूत, मासूम बेटे का सैल्यूट देख रो पड़ा राजस्थान

Rajasthan News: शेखावाटी की वीर धरा झुंझुनूं ने देश की सुरक्षा में अपना एक और जांबाज बेटा खो दिया है। ओडिशा में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान ओमप्रकाश मीणा का कर्तव्य पथ पर रहते हुए आकस्मिक निधन हो गया। 37 वर्षीय मीणा का निधन हृदय गति रुकने के कारण हुआ। गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव सिंगनोर पहुंचा, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया और हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं।

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब और नम आंखों से विदाई

शहीद जवान ओमप्रकाश मीणा की अंतिम यात्रा में देशभक्ति का अनूठा जज्बा देखने को मिला। मंगलवार शाम को ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था। गुरुवार दोपहर को जब उनका शव गुढ़ागौड़जी पहुंचा, तो वहां से सिंगनोर गांव तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। रास्ते भर ‘भारत माता की जय’ और ‘ओमप्रकाश मीणा अमर रहें’ के नारों से आसमान गूंजता रहा। दिल्ली-बवाना से आई 55वीं बटालियन की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी।

मासूम बेटे का अंतिम सैल्यूट और भावुक कर देने वाला दृश्य

ओमप्रकाश मीणा अपने पीछे पत्नी अनुराधा देवी, आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी और पांचवीं कक्षा के बेटे को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार के समय जब सेना के अधिकारियों ने शहीद का गौरव यानी तिरंगा उनके नन्हे बेटे को सौंपा, तो वह दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। मासूम बेटे ने अपने आंसू पोंछते हुए पिता को अंतिम सैल्यूट किया। इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद हजारों लोगों का कलेजा मुंह को आ गया और हर कोई फूट-फूटकर रोने लगा।

प्रमोशन की दहलीज पर खड़े थे अनुभवी जवान ओमप्रकाश

वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती होने वाले ओमप्रकाश मीणा एक अत्यंत अनुशासित और कुशल जवान थे। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग हैदराबाद में पूरी की थी और उसके बाद भोपाल तथा श्रीनगर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में लंबी सेवाएं दीं। वह वर्तमान में 127वीं बटालियन में तैनात थे। दुखद पहलू यह है कि उन्होंने हाल ही में हवलदार पद के लिए अपना प्रमोशन कोर्स पूरा किया था। वह जल्द ही पदोन्नत होने वाले थे, लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था।

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने बढ़ाई चिंता

एक स्वस्थ और फिट जवान की अचानक हृदयघात से मृत्यु ने चिकित्सा विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी है। गांव में यह चर्चा का विषय रहा कि हाल के वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड टीकाकरण और इन घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध फिलहाल प्रमाणित नहीं है। फिर भी, कम उम्र में बढ़ते ये मामले समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।

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