Rajasthan News: नीट (NEET) परीक्षा 2026 के पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे घोटाले की जड़ें केरल में पढ़ रहे एक एमबीबीएस छात्र और राजस्थान के सीकर में हॉस्टल चलाने वाले उसके पिता से जुड़ी हैं। छात्र ने परीक्षा से कुछ घंटे पहले अपने पिता को एक ‘गेस पेपर’ का पीडीएफ भेजा था, जिसे महज एक मदद समझकर साझा किया गया था। लेकिन यही दस्तावेज देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई धांधली को उजागर करने का मुख्य जरिया बन गया।
टीचरों ने पकड़ी चोरी: 135 सवालों का हुआ मिलान
सीकर में हॉस्टल मालिक ने जब यह पेपर केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षकों को दिखाया, तो वे दंग रह गए। तुलना करने पर पाया गया कि केमिस्ट्री के 108 में से 45 सवाल और बायोलॉजी के 204 में से 90 सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा के पेपर से मेल खा रहे थे। कुल 135 सवालों का मिलान होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई साधारण गेस पेपर नहीं, बल्कि लीक हुआ असली प्रश्नपत्र था। इसके बाद हॉस्टल मालिक और शिक्षकों ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया।
पुलिस का इनकार और NTA की सक्रियता
शुरुआत में जब इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस से की गई, तो उन्होंने केस दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस को लगा कि शिकायतकर्ता परीक्षा रद्द कराने की साजिश रच रहे हैं। निराश होकर हॉस्टल मालिक ने एनटीए (NTA) को ईमेल भेजा। इसके चार दिन बाद मामला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) तक पहुंचा और 8 मई को राजस्थान एसओजी (SOG) ने जांच संभाल ली। एसओजी की पड़ताल में हॉस्टल मालिक के व्हाट्सएप चैट से पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।
देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा और परीक्षा रद्द
जांच में पता चला कि यह पेपर जयपुर के पास जामवारामगढ़ के दो भाइयों के जरिए सीकर पहुंचा था, जो हरियाणा के एक छात्र से इसे लेकर बेच रहे थे। इस गिरोह ने बिहार, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी रकम लेकर पेपर बांटा था। महाराष्ट्र के नासिक में शुभम खैरनार नामक छात्र से पेपर की फिजिकल कॉपी भी बरामद हुई है। भारी अनियमितताओं को देखते हुए एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी है और जल्द ही नई तिथियों की घोषणा की जाएगी।


