New Delhi News: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई धांधली को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार पांच मुख्य आरोपियों को दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। अदालत ने इन सभी अभियुक्तों को सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। इस बीच, पुणे और अहिल्यानगर से दो और गिरफ्तारियां हुई हैं, जिससे अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई है।
डिलीटेड डेटा और बैंक खातों पर सीबीआई की नजर
सीबीआई अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने में जुटी है। जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच (CFSL) के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का लक्ष्य डिलीट किए गए व्हाट्सएप चैट्स और मैसेज को रिट्रीव करना है ताकि पेपर लीक के नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर आरोपियों के वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्यौरा मांगा है। साइबर यूनिट मैसेज भेजने के समय की सटीक लोकेशन भी ट्रैक कर रही है।
50 से अधिक संदिग्धों पर गहराया शिकंजा
जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि 50 से अधिक अन्य लोग भी रडार पर हैं। सीबीआई की टीम ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दफ्तर जाकर पेपर छपाई, सुरक्षा और वितरण प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों की भूमिका की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, उन तमाम लोगों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है जिनके पास प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुरक्षा घेरे में सेंधमारी किस स्तर पर हुई।
NTA की तैयारी: जून-जुलाई में हो सकता है री-एग्जाम
लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए NTA ने दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, नई परीक्षा तिथि की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट nta.neet.gov.in पर की जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में परीक्षा आयोजित हो सकती है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एनकेटेड डिजिटल प्रश्नपत्र और जीपीएस ट्रैक्ड वाहनों का उपयोग करने की योजना है। खास बात यह है कि छात्रों को दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा।
अभेद्य सुरक्षा के बीच बनेगा नया प्रश्नपत्र
भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए NTA एक ‘फुलप्रूफ’ सिस्टम विकसित कर रहा है। प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की एक नई गोपनीय टीम गठित की गई है। नया पेपर एनसीईआरटी के कक्षा 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम पर आधारित होगा, जिसमें कठिन और विश्लेषणात्मक सवालों पर अधिक जोर दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर स्तर पर ‘पॉइंट पर्सन’ नियुक्त किए जा रहे हैं ताकि जवाबदेही तय की जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।

