Uttar Pradesh News: समाजवादी पार्टी के संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठधाम में दोपहर करीब 1.50 बजे उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दुखद अवसर पर पूरा सैफई परिवार एक साथ नजर आया। अंतिम विदाई के समय माहौल बेहद गमगीन था। बड़ी संख्या में समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने नम आंखों से प्रतीक यादव को विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा उनके आवास से शुरू होकर सपा कार्यालय होते हुए श्मशान घाट पहुंची।
मुखाग्नि पर कयास और ससुर का अंतिम संस्कार
प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार को लेकर शुरुआत में कई कयास लगाए जा रहे थे। चर्चा थी कि शायद उनकी बेटियां या सैफई परिवार का कोई सदस्य मुखाग्नि देगा। हालांकि, अंततः अपर्णा यादव के पिता और प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि देकर अंतिम क्रिया संपन्न की। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव, डिंपल यादव और अपर्णा यादव सहित परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। शिवपाल के बेटे आदित्य यादव ने अपने भाई के पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जो बेहद भावुक क्षण था।
अखिलेश यादव का भतीजियों के प्रति वात्सल्य प्रेम
बैकुंठधाम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक मानवीय और संवेदनशील रूप देखने को मिला। वे श्मशान घाट पर अपनी भतीजियों, प्रथमा और प्रतीक्षा के बगल में बैठे नजर आए। जब छोटी भतीजी प्रतीक्षा ने चॉकलेट खाने की इच्छा जताई, तो अखिलेश ने तुरंत चॉकलेट मंगवाई और खुद उसे खिलाई। अपने छोटे भाई को खोने का दुख अखिलेश के चेहरे पर साफ झलक रहा था। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बच्चों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर भी बार-बार चिंता जताई।
राजनीतिक दिग्गजों ने दी अंतिम विदाई
प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए केवल समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि अन्य दलों के नेता भी पहुंचे। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और भाजपा नेता नीरज सिंह ने भैंसाकुंड पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा कई सांसद, विधायक और सपा कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे। शव वाहन जब सपा कार्यालय के पास से गुजरा, तो वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने प्रिय नेता के पुत्र को अंतिम सलामी दी और पुष्प अर्पित किए।
अंतिम यात्रा और परिवार की एकजुटता
प्रतीक यादव का निधन बुधवार सुबह हुआ था, जिसके बाद से ही उनके आवास पर लोगों का तांता लगा रहा। गुरुवार दोपहर 12 बजे जब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आदित्य यादव और धर्मेंद्र यादव शव वाहन पर सवार थे, जबकि उनके पीछे की गाड़ियों में अपर्णा यादव और स्वामी अवधेशानंद मौजूद रहे। कालीदास चौराहा और लोहिया पथ होते हुए यह यात्रा बैकुंठधाम पहुंची। पूरे सफर के दौरान समर्थकों ने ‘प्रतीक यादव अमर रहें’ के नारे लगाए।

