पंजाब में चारे का भारी संकट: 500 से अधिक गौशालाओं में गोवंश पर खतरा, सरकार को अल्टीमेटम

Punjab News: पंजाब की पांच सौ गौशालाओं में चारे का भयंकर संकट पैदा हो गया है। इस कमी से गोवंश का जीवन खतरे में है। महासंघ ने इस संकट के लिए सीधे सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि प्रशासन तुरंत कदम उठाए। ऐसा न होने पर गोवंश भूख से दम तोड़ सकते हैं। चारे की कमी का यह विषय अब राज्य में बड़ा मुद्दा बन चुका है।

फैक्टरी संचालकों द्वारा तुड़ी का अवैध भंडारण

चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें मिशन प्रमुख कृष्णानंद महाराज ने चारे की कमी का कारण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्टरी संचालकों द्वारा बड़े स्तर पर तुड़ी का भंडारण किया जा रहा है। इस जमाखोरी के चलते बाजार में चारा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि समय रहते इस भंडारण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो पशुओं के लिए हालात बहुत ज्यादा बिगड़ जाएंगे।

काऊ सेस का फंड और प्रशासन की उदासीनता

कृष्णानंद ने बताया कि सरकार वर्ष 2016 से काऊ सेस के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल रही है। इतना फंड होने के बावजूद गौशालाओं को सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिली है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस भारी फंड के उपयोग में पारदर्शिता की कमी है। इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखे गए हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने फंड जारी करने पर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया है।

गोवंश का बढ़ता खर्च और चारे की आसमान छूती कीमतें

पंजाब में लगभग तीन लाख गोवंश गौशालाओं में आश्रय लिए हैं। इनकी दैनिक देखभाल पर भारी खर्च आता है। एक गोवंश पर रोजाना न्यूनतम सौ रुपये खर्च बैठता है। वहीं चारे की कीमतों में अचानक बहुत अधिक वृद्धि हो गई है। पहले जिस तुड़ी की कीमत तीन रुपये के आसपास थी, वह अब सात सौ से साढे सात सौ रुपये तक पहुंच गई है। इस अत्यधिक महंगाई से गौशालाओं की आर्थिक स्थिति खराब हुई है।

पड़ोसी राज्यों से तुलना और बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में गौशालाओं को नियमित अनुदान मिलता है। हरियाणा सरकार हर वर्ष गौशालाओं को भारी वित्तीय मदद देती है। इसी वजह से वहां स्थिति पंजाब से बहुत बेहतर है। महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार तक चारा और फंड नहीं मिला, तो शनिवार को सभी गौशाला संचालक मुख्यमंत्री और मंत्रियों के निवास के बाहर विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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