Jharkhand News: झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर इन दिनों रिल्स और सेल्फी का जानलेवा क्रेज देखने को मिल रहा है। जोन्हा जलप्रपात, हुंडरू फॉल और पतरातू डैम एडवेंचर स्पॉट के बजाय हादसों के अड्डे बनते जा रहे हैं। लोग रोमांच के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
सैलानी खतरनाक चट्टानों पर बैठकर वीडियो बना रहे हैं। गहरे पानी के बीच बिना लाइफ जैकेट के खतरनाक स्टंट हो रहे हैं। दूसरी ओर पर्यटन विभाग केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। जमीनी हालात बताते हैं कि यहां किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जोन्हा और हुंडरू फॉल में नियमों की उड़ रही धज्जियां
जोन्हा जलप्रपात की करीब आठ सौ सीढ़ियां कई जगह से टूट चुकी हैं। यहां लगी सुरक्षा रेलिंग भी बेहद कमजोर हो चुकी है। इसके बावजूद पर्यटक जानबूझकर खतरनाक चट्टानों के बीच जाकर फोटो खींच रहे हैं। पर्यटन विभाग यहां पार्किंग शुल्क तो वसूल रहा है पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
गर्मी में पानी कम होने से अभी खतरा कम दिखता है। बारिश के दिनों में यही लापरवाही सीधे मौत का कारण बनती है। हुंडरू जलप्रपात में भी लोग विशाल और बेहद फिसलन भरी चट्टानों के बीच नहाते हैं। यहां जरा सी चूक किसी को भी सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरा सकती है।
हुंडरू में सैलानियों को रोकने के लिए न तो कोई सुरक्षा गार्ड है और न ही कोई कर्मचारी तैनात है। झारखंड टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन ने केवल एक साइन बोर्ड टांगकर औपचारिकता पूरी कर ली। फिलहाल यह पूरा पर्यटन स्थल केवल स्थानीय ग्रामीणों के भरोसे ही भगवान भरोसे चल रहा है।
बंद हुईं एडवेंचर गतिविधियां और पतरातू डैम का जानलेवा सच
सुरक्षा के लिहाज से जोन्हा और हुंडरू में जीप लाइन सेवा बंद होना बेहतर रहा। पुणे की एक निजी कंपनी इसका संचालन कर रही थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और प्रशिक्षित आपदा प्रबंधन टीम न होने से स्थानीय लोग डरे हुए थे। उनका मानना है कि यह सेवा चालू रहती तो बड़ा हादसा तय था।
पतरातू डैम में इस समय दो सौ से अधिक नावें और स्पीड बोट चल रही हैं। यहां सुरक्षा नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। लाइफ जैकेट अनिवार्य होने के बाद भी युवा बीच पानी में जैकेट उतारकर रिल्स बना रहे हैं। कुछ लड़के डैम के बीच खड़े होकर वीडियो शूट करते दिखे।
हाल ही में डोरंडा के एक युवक की यहां डूबने से मौत हो चुकी है। इस दुखद घटना के बाद भी प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। शाम को यहां भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन मौके पर न तो एनडीआरएफ की टीम तैनात है और न ही कोई मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था मौजूद है।
Author: Rohit Mahato

