अंधेरे में बच्चों का भविष्य: पानी-बिजली छिनने पर मां ने दी परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी

Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक परिवार बेहद खौफनाक कदम उठाने को मजबूर है। संतोषगढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर पांच में रहने वाली एक पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। पारिवारिक विवाद के कारण उसके घर का पानी और बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। पिछले कई हफ्तों से यह परिवार अंधेरे में जीने को विवश है। न्याय न मिलने पर महिला ने पति और दोनों बच्चों के साथ डीसी कार्यालय पहुंचकर आत्मदाह करने की सख्त चेतावनी दी है।

महिला सुनीता देवी ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके जेठ और सास ने जानबूझकर यह साजिश रची है। उनके घर की मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से छीन ली गई हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। उन्हें पड़ोसियों से पानी मांगकर अपना गुजारा करना पड़ रहा है। पीड़ित महिला का पति एक दिहाड़ी मजदूर है जो बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट पाल रहा है।

स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे

इस अमानवीय कृत्य का सबसे बुरा प्रभाव मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। घर में बिजली न होने के कारण बच्चे रात के समय सड़क पर जाते हैं। वे स्ट्रीट लाइट की हल्की रोशनी के नीचे बैठकर अपनी पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सड़क पर हर समय किसी बड़े हादसे या अनहोनी का खतरा बना रहता है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद परिवार को लगातार अनदेखा किया गया। बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है जो बेहद चिंताजनक है।

प्रशासन से न्याय की गुहार और सख्त चेतावनी

सुनीता देवी ने साफ कहा है कि अगर उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वह बड़ा कदम उठाएंगी। उन्होंने पूरे परिवार के साथ खुद को आग लगाने की चेतावनी दी है। इस घटना की पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊना के उपायुक्त जतिन लाल ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन अब इस जटिल समस्या का जल्द समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।

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