National News: उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने देश की न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश सहित चार राज्यों के हाई कोर्ट में नए जजों की नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की एक अहम बैठक दो जून को हुई थी। इस बैठक में गहन चर्चा के बाद कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में तीन वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों को बतौर जज नियुक्त करने का फैसला लिया।
इस फैसले के तहत न्यायिक अधिकारी चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल के नामों को मंजूरी दी गई है। यह तीनों अधिकारी अब हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में अपनी नई सेवाएं देंगे। इस फैसले से राज्य की कानूनी व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
पंजाब, हरियाणा और कर्नाटक हाई कोर्ट को मिले नए जज
कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के लिए भी बड़ा फैसला सुनाया है। उसने अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति हरमीत सिंह ग्रेवाल और न्यायमूर्ति दीपेंद्र सिंह नलवा को प्रमोट किया है। अब इन दोनों को स्थायी न्यायाधीश (परमानेंट जज) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी मिली है।
इसके साथ ही कॉलेजियम ने कर्नाटक हाई कोर्ट में छह नए अधिवक्ताओं (वकीलों) की नियुक्ति को हरी झंडी दिखाई है। इसमें राघवेंद्र सीताराम श्रीवत्स, हेमा कुलकर्णी और सुब्रमण्य रंगाराव के नाम शामिल हैं। इनके अलावा टी प्रकाश विवेकानंद, बक्केश्वर प्रमोद और होम्बे गौड़ा शांति भूषण को भी जज बनाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी एक अन्य आधिकारिक बयान के मुताबिक, कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश के लिए भी बड़ा निर्णय लिया है। उसने वरिष्ठ अधिवक्ता अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकृति दे दी है।
Author: Harikarishan Sharma


