Shrikhand Mahadev Yatra 2026: 18 हजार फीट की खतरनाक चढ़ाई, शिव भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, जानें तारीख

Himachal News: उत्तर भारत की सबसे कठिन और आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा इस वर्ष 10 जुलाई से शुरू होगी। कुल्लू जिले के निरमंड से संचालित होने वाली इस पवित्र यात्रा को लेकर प्रशासन और श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट ने अपनी तैयारियां बहुत तेज कर दी हैं। यह यात्रा 23 जुलाई तक चलेगी।

श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर प्रशासन की हाई लेवल मीटिंग

यात्रा के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बुधवार को निरमंड में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं कुल्लू के उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

श्रीखंड महादेव यात्रा बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण मार्ग से होकर गुजरती है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं, राहत शिविरों और आपातकालीन सहायता केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, संचार नेटवर्क, साफ-सफाई और आपदा प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य

प्रशासन के अनुसार यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित ऑफिशियल वेबसाइट का पोर्टल शीघ्र ही खोला जाएगा, जहां श्रद्धालु घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा और मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना पड़ेगा।

समुद्र तल से लगभग 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव शिला को भगवान भोलेनाथ का स्वरूप माना जाता है। दुर्गम पहाड़ों, ग्लेशियरों, बर्फीले रास्तों और कठिन चढ़ाई से होकर गुजरने वाली यह यात्रा श्रद्धा, साहस और धैर्य की परीक्षा मानी जाती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भगवान शिव के प्रति आस्था उन्हें प्रेरित करती है।

हर वर्ष हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

Reported By: Sunita Gupta

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories