‘शैतान महाराज’ के आगे जोड़े हाथ, 10 महीने से बंद दुकान का बिल देख उड़े होश, अब कोर्ट जाएगा पीड़ित

Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। शिमला जिले के रोहडू क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभाग की तकनीकी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक बागवान की दुकान पिछले दस महीनों से बंद पड़ी है, लेकिन बिजली विभाग ने उन्हें हजारों रुपये का बिल थमा दिया है। पीड़ित ने अब इस ‘स्मार्ट’ मीटर की स्मार्टनेस के खिलाफ न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।

रोहडू के रहने वाले बागवान हरीश चौहान ने सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा साझा करते हुए विभाग पर तंज कसा है। हरीश का दावा है कि उनकी दुकान का शटर पिछले साल से बंद है और भीतर एक भी बिजली का उपकरण नहीं चल रहा। इसके बावजूद मार्च महीने में उन्हें 17,313 रुपये का बिल मिला। हैरानी तब और बढ़ गई जब अप्रैल में यह राशि बढ़कर 23,700 रुपये तक पहुँच गई। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह दोषपूर्ण करार दिया है।

स्मार्ट मीटर को बताया ‘शैतान महाराज’, धूप दिखाकर किया विरोध

हरीश चौहान ने विरोध का एक अनोखा और रोचक तरीका अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्मार्ट मीटर को “शैतान महाराज” की संज्ञा दी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि वे इस शैतान मीटर को धूप दिखाकर मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब दुकान पूरी तरह बंद है, तो इतनी अधिक खपत कैसे दर्ज हो रही है? हरीश ने लोगों को मजाकिया अंदाज में जुब्बल के हाटकोटी स्थित अपने यहाँ इस ‘चमत्कारी’ मीटर के दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया है।

पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर अब वे कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ी के मामले लगातार रिपोर्ट हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि ये मीटर सामान्य से बहुत तेज चलते हैं और तकनीकी खामियों के कारण गलत बिलिंग कर रहे हैं, जिससे जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।

हिमाचल के अन्य जिलों में भी बढ़ा आक्रोश

स्मार्ट मीटरों की यह समस्या केवल शिमला तक सीमित नहीं है। कांगड़ा जिले से भी भारी-भरकम बिलों की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सोलन जिले में तो एक पीड़ित ने मंत्री के दरबार में गुहार लगाते हुए यहाँ तक कह दिया था कि वह बिल भरने के बजाय घर में दीया जलाना बेहतर समझेगा। लोगों का कहना है कि सरकार की यह योजना बिजली बचाने के बजाय आम जनता को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का जरिया बन गई है।

बिजली विभाग के तकनीकी सुधार के दावों के बीच इस तरह के मामलों ने विभाग की साख को बट्टा लगा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम के सर्वर और डेटा ट्रांसमिशन में गड़बड़ी के कारण ऐसी त्रुटियां हो रही हैं। यदि विभाग ने समय रहते इन शिकायतों का निवारण नहीं किया, तो प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ जन-आक्रोश और बढ़ सकता है। फिलहाल हरीश चौहान का यह रोचक विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

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