Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस जमीन विवाद में अब पूर्व मुख्य सचिव विनीत चौधरी भी कूद पड़े हैं। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी निशाने पर लिया है। सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले पूर्व मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी और संजय गुप्ता के बीच भी तीखी बयानबाजी हो चुकी है। यह मामला काफी उलझ गया है।
सीएम सुक्खू पर साधे तीखे निशाने
साल 2018 में राज्य के मुख्य सचिव रहे विनीत चौधरी ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार पर तुरंत कार्रवाई होती है। लेकिन हिमाचल सरकार इसे अधिकारियों का आपसी विवाद बता रही है। मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं। सीएम सुक्खू यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकते कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मामले की तह तक जाने में महीनों का समय नहीं लगता है। उन्हें इस पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए।
अधिकारियों के बीच मची है खींचतान
संजय गुप्ता ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी और प्रबोध सक्सेना पर बड़े आरोप लगाए थे। उन्होंने प्रोजेक्ट की क्लियरेंस पर सवाल उठाए। इसके जवाब में श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठी अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। रेरा ने तीन साल पहले सिर्फ पहले फेज का दौरा किया था। उस समय विवादित दूसरे और चौथे फेज का कोई वजूद ही नहीं था। यह सब उन्हें फंसाने की साजिश है।
क्या है चेस्टर हिल जमीन विवाद
सोलन के चेस्टर हिल में एक निजी कंपनी फ्लैट्स बना रही है। यहां 273 बीघा जमीन खरीद में धारा 118 के उल्लंघन के आरोप हैं। इसे बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा माना जा रहा है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर जांच रोकने के आरोप लगे हैं। उन पर वहां तीन एकड़ जमीन खरीदने का भी आरोप है। संजय गुप्ता ने पूर्व मुख्य सचिवों पर उन्हें फंसाने का दावा किया है। अब यह मामला बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद में बदल चुका है।


