गुरमीत राम रहीम को फिर मिली पैरोल, बलात्कार का दोषी डेरा प्रमुख 16वीं बार आ रहा सुनारिया जेल से बाहर

Haryana News: रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। दो शिष्याओं से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 16वां मौका है जब राम रहीम जेल परिसर से बाहर आएगा।

इस बड़े फैसले के बाद जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय जेल परिसर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राम रहीम इस पैरोल अवधि के दौरान सिरसा स्थित अपने मुख्य डेरा हेडक्वार्टर में ही समय बिताएगा।

स्थानीय प्रशासन ने राम रहीम को अपने अनुयायियों को किसी भी डेरे में शारीरिक रूप से इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी है। हालांकि वह अपने सेवादारों और समर्थकों को वर्चुअली माध्यम से ऑनलाइन संबोधित कर सकता है। इससे पहले उसे जनवरी में 40 दिन की पैरोल मिली थी।

राम रहीम को पिछले साल अगस्त 2025 में अपना जन्मदिन मनाने के लिए भी 40 दिनों की लंबी पैरोल मिली थी। वहीं अप्रैल 2025 में उसे 21 दिनों की फर्लो मिली थी। इससे पहले जनवरी 2025 में दिल्ली चुनाव से ठीक पहले उसे रिहा किया गया था।

दो शिष्याओं से रेप केस में काट रहा 20 साल की सजा

अगस्त 2017 में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को बलात्कार के दो संगीन मामलों में दोषी पाया था। अदालत ने उसे 20 साल जेल की सख्त सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़ितों को जुर्माना देने का भी आदेश दिया था।

उस समय सजा के विरोध में उसके उग्र समर्थकों ने सिरसा और पंचकूला में भारी उत्पाद मचाया था। सुरक्षा बलों के साथ हुई उस हिंसक झड़प में 40 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद राम रहीम को हेलिकॉप्टर से रोहतक भेजा गया था।

डेरा प्रमुख को पिछले कुछ महीनों में कानूनी मोर्चे पर कुछ बड़ी राहत भी मिली हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में उसे पूरी तरह बरी कर दिया था। इसके अलावा पूर्व मैनेजर की हत्या में भी वह बरी हो चुका है।

अदालतों ने जांच में गंभीर कमियों का हवाला देकर उसे इन हत्या के मामलों से मुक्त किया था। हालांकि राम रहीम अभी बलात्कार के मामलों में 10-10 साल की कठोर जेल की लगातार सजा सुनारिया जेल में भुगत रहा है। इसके अलावा उस पर कई अन्य केस भी जारी हैं।

सैकड़ों समर्थकों को नपुंसक बनाने और बेअदबी का केस भी दर्ज

राम रहीम सिंह पर अपने ही सैकड़ों फॉलोअर्स को कथित तौर पर नपुंसक बनाने का एक और गंभीर केस चल रहा है। हालांकि डेरा प्रमुख ने हमेशा इन आरोपों से साफ इनकार किया है। इस मामले में कोर्ट ने उसे पहले ही जमानत दे दी थी।

इसके अलावा अक्टूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस पुराने आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी से जुड़े 2015 के तीन मुकदमों में डेरा प्रमुख के ट्रायल पर रोक लगाई थी।

Author: Raj Thakur

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