Bihar News: सुल्तानगंज नगर परिषद शूटआउट मामले में गिरफ्तार रामधनी यादव को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए किए गए हमले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मुठभेड़ में घायल इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार के बयान पर सुल्तानगंज थाने में यह मामला दर्ज हुआ है। इस केस में नगर परिषद के सभापति राजकुमार साह उर्फ गुड्डू, दीपक यादव और पिंकू यादव को नामजद आरोपी बनाया गया है। इन पर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस टीम पर अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि जब पुलिस टीम गिरफ्तार रामधनी यादव की निशानदेही पर हथियार बरामद करने जा रही थी, तभी अपराधियों ने अचानक हमला कर दिया। रामधनी के सहयोगियों ने उसे पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के उद्देश्य से अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में डीएसपी विधि-व्यवस्था नवनीत कुमार के पैर में गोली लगी और वे गिर पड़े। हमले में इंस्पेक्टर मृत्युंजय और परमेश्वर साहनी भी घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश में हुई रामधनी की मौत
मुठभेड़ के दौरान रामधनी यादव ने पुलिस की गिरफ्त में होते हुए भी हथियार छीनने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने का प्रयास किया। इसी आत्मरक्षा की कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रामधनी जख्मी हो गया। घायल पुलिस अधिकारियों और रामधनी यादव को तत्काल जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रामधनी की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल डीएसपी और दोनों इंस्पेक्टरों को छुट्टी दे दी है।
मुठभेड़ के बाद लापता हुआ रामधनी का पूरा परिवार
29 अप्रैल 2026 की सुबह हुई इस मुठभेड़ के बाद सुल्तानगंज में रहस्यमयी स्थिति बनी हुई है। रामधनी यादव की मौत के बाद से उसकी पत्नी नीलम देवी (उप सभापति) और उसके दोनों बेटे सन्नी और मनीष यादव पूरी तरह लापता हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय है कि आखिर पूरा परिवार कहां चला गया। रामधनी का पोस्टमार्टम भी उसकी बेटी की मौजूदगी में कराया गया, लेकिन राजनीति में सक्रिय उसके बेटे अंतिम संस्कार के समय भी सामने नहीं आए।
एसएसपी का निर्देश: जारी रहेगा अपराधियों के खिलाफ अभियान
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। क्षेत्र में यह अफवाह भी उड़ी थी कि पुलिस ने रामधनी की गिरफ्तारी के समय उसकी पत्नी और बेटों को हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी कार्रवाई से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


