Uttarakhand News: अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवार्डी जसपाल राणा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जसपाल राणा के निधन के महज 16 दिन बाद उनकी माता श्यामा राणा का भी रविवार शाम को देहांत हो गया। वह काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
परिजनों के अनुसार, रविवार को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। जसपाल राणा का 12 जून को आकस्मिक निधन हो गया था, जिससे उनका परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि मां के जाने का दूसरा बड़ा आघात लगा। इस दुखद घटना से पूरे खेल जगत और राणा परिवार के शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
खेल जगत में राणा परिवार का विशेष स्थान
उत्तराखंड के चंपावत जिले से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार का खेल की दुनिया में बड़ा नाम रहा है। जसपाल राणा की शानदार उपलब्धियों के पीछे उनकी मां श्यामा राणा की निरंतर प्रेरणा और सहयोग को ही माना जाता है। बेटे के असमय निधन के बाद से ही मां का स्वास्थ्य काफी तेजी से बिगड़ता चला गया था।
कुछ ही दिनों के अंतराल में मां और बेटे के निधन से राणा परिवार पूरी तरह से टूट गया है। खेल जगत के दिग्गज खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने श्यामा राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस कठिन समय में पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
पैतृक गांव नैनबाग में होगा अंतिम संस्कार
पारिवारिक मित्र मयंक ने बताया कि श्यामा राणा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव टिहरी गढ़वाल के नैनबाग में सोमवार को संपन्न होगा। उनके निधन की खबर फैलते ही उत्तराखंड के खेल और राजनीतिक गलियारों में मातम पसर गया है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
श्यामा राणा का व्यक्तित्व बहुत ही प्रेरणादायक था। उन्होंने न केवल अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, बल्कि विषम परिस्थितियों में भी परिवार को मजबूती से जोड़े रखा। उनके जाने से खेल जगत में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है, जिसे भरना किसी के लिए भी बेहद मुश्किल कार्य है।

