Aligarh News: प्रख्यात कथावाचक स्वामी रामभद्राचार्य ने मंगलवार को श्रीराम कथा के तीसरे दिन हिंदू एकता और राष्ट्र चेतना का बड़ा संदेश दिया। उन्होंने पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं से जातिगत भेदभाव से पूरी तरह ऊपर उठकर हमेशा संगठित रहने का एक सुर में आह्वान किया।
स्वामी रामभद्राचार्य ने कथा के दौरान सभी भक्तों से हाथ उठवाकर हिंदू एकता और देश के सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होगा, जब वह जातियों में बंटने के बजाय एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ेगा।
लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ बुलंद की आवाज
जीटी रोड स्थित लधौआ चीनी मिल परिसर में चल रही इस श्रीराम कथा के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ बेहद मुखर दिखाई दिए। उन्होंने हिंदुत्व की आवाज को खुलकर बुलंद करते हुए साफ कहा कि देश में लव जिहाद और लैंड जिहाद बिल्कुल नहीं चलने देंगे।
इसी दौरान उन्होंने जनसंख्या संतुलन पर बात करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं के घरों में कम से कम तीन संतानें होनी चाहिए, क्योंकि अब एक या दो बच्चों से काम नहीं चलेगा। अगर परिवार में चार बच्चे हों, तो यह और भी ज्यादा अच्छा है।
हमारी बेटियां लक्ष्मीबाई और पुरुष बनेंगे महाराणा प्रताप
कथावाचक ने महिलाओं से समाज को जगाने में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी कन्याएं अब झांसी की रानी लक्ष्मीबाई बनेंगी और पुरुष महाराणा प्रताप बनेंगे। बहनों को हर सामाजिक चुनौती का डटकर सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।
स्वामी रामभद्राचार्य ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर भी मंच से बड़ा दावा किया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि पीओके भारत का अटूट हिस्सा है और हम उसे वापस लेकर ही रहेंगे। अलीगढ़ की इस पावन धरती से ही अब देश के हिंदुओं के जागरण की नई यात्रा शुरू होगी।
Author: Ajay Mishra


