Spiritual News: हिंदू धर्म ग्रंथों में ब्रह्मांड की रचना का बहुत ही अनोखा वर्णन मिलता है। श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार, हमारी पृथ्वी के नीचे सात रहस्यमयी लोक स्थित हैं। इन लोकों को पाताल या ‘बिल-स्वर्ग’ यानी भूमिगत स्वर्ग भी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैभव और सुख-सुविधाओं के मामले में ये लोक स्वर्ग से कम नहीं हैं। इन गहराइयों तक सूर्य की किरणें नहीं पहुंच पाती हैं। इसके बावजूद यह पूरी दुनिया विशाल रत्नों और दिव्य नागों की चमक से हमेशा पूरी तरह जगमगाती रहती है।
अतल और वितल लोक का रहस्य
सात भूमिगत क्षेत्रों में सबसे पहला नाम अतल लोक का आता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहाँ ‘बल’ नामक शक्तिशाली राक्षस निवास करता था। अतल लोक को मायावी शक्तियों का मुख्य केंद्र माना जाता है। यहाँ रहने वाले जीवों के पास अद्भुत और रहस्यमयी शक्तियां होती हैं।
इसके ठीक नीचे वितल लोक स्थित है, जहाँ भगवान शिव अपने गणों के साथ रहते हैं। इस लोक में अग्नि और दिव्य ऊर्जा का एक बहुत ही अनोखा रूप हमेशा मौजूद रहता है। इसी कारण वितल लोक को सबसे ज्यादा ऊर्जावान और रहस्यमयी माना जाता है।
सुतल और तलातल लोक की भव्यता
तीसरा लोक सुतल है, जिसका सीधा संबंध दानवीर राजा बलि से माना जाता है। वामन अवतार के समय भगवान विष्णु ने राजा बलि को इस लोक का राजा बनाया था। भगवान विष्णु स्वयं इस बेहद समृद्ध और भव्य लोक में राजा बलि की रक्षा के लिए पहरा देते हैं।
इसके बाद चौथे स्थान पर तलातल लोक आता है। यह लोक मायावी वास्तुकार मय दानव का निवास स्थान है। मय दानव को अद्भुत वास्तुकला और तांत्रिक विद्याओं का गहरा ज्ञान था। इस वजह से तलातल लोक को रहस्यमयी कलाओं का मुख्य केंद्र माना जाता है।
महातल और रसातल लोक की शक्तियां
पांचवां लोक महातल है, जिसे अत्यंत शक्तिशाली और क्रोधित नागों का घर कहा जाता है। यहाँ रहने वाले नाग दैवीय शक्तियों से पूरी तरह संपन्न होते हैं। इनके पास इतनी शक्ति होती है कि ये पल भर में किसी को भी भस्म कर सकते हैं।
छठे स्थान पर रसातल लोक आता है, जहाँ पराक्रमी दैत्य और दानव जातियां निवास करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहाँ के असुर युद्ध कला में बेहद निपुण और अत्यंत वीर माने जाते हैं। देवताओं के विरोधी होने के बावजूद ये बहुत शक्तिशाली थे।
सबसे सुंदर और अंतिम पाताल लोक
सातवें और सबसे निचले स्थान पर पाताल लोक स्थित है। पुराणों में पाताल लोक को बहुत ही सुंदर और भव्य स्थान बताया गया है। यह नागराज वासुकि और अन्य दिव्य नागों का मुख्य निवास स्थान है। इसकी सुंदरता की तुलना सीधे स्वर्ग लोक से की जाती है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma

