कुंडली के ये 6 खतरनाक दोष राजा को भी बना देते हैं रंक, जानिए बर्बादी से बचने के अचूक और चमत्कारी उपाय

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Delhi News: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति का जीवन के हर पहलू पर गहरा असर पड़ता है। जब ग्रहों की स्थिति अच्छी रहती है, तो व्यक्ति का जीवन बेहद सुखमय और आनंदित रहता है। वहीं कुंडली में ग्रहों की स्थिति खराब होने पर जीवन में परेशानियां आने लगती हैं।

कुंडली के ये महादोष जीवन में मचाते हैं भारी तबाही

कुंडली का राहु दोष, मंगल दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष, गुरु चांडाल और शनि दोष मनुष्य के जीवन में अनेक प्रकार की गंभीर परेशानियां उत्पन्न करता है। ऐसे कठिन समय में ज्योतिष शास्त्र में बताए गए कुछ बेहद आसान और अचूक उपाय इन खतरनाक दोषों से हमेशा के लिए मुक्ति दिला सकते हैं।

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मंगल दोष के कारण विवाह में आती हैं बड़ी रुकावटें

मंगल ग्रह ऊर्जा, अटूट साहस और पराक्रम का मुख्य कारक माना जाता है। जब कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति अच्छी नहीं होती है, तो यह आपकी प्रोफेशनल लाइफ पर भी बहुत बुरा असर डालता है। इसके अलावा इस दोष की वजह से जातकों की शादी में बेवजह बहुत देरी होती है।

मंगल दोष की वजह से शादीशुदा जीवन में भी कई तरह की भयानक परेशानियां आती हैं। पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर हमेशा लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं। इस कष्टकारी दोष से तुरंत छुटकारा पाने के लिए हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना सबसे आसान और कारगर उपाय माना जाता है।

पितृ दोष से रुक जाती है कारोबार और करियर की तरक्की

पितृ दोष को ज्योतिष शास्त्र में सबसे अशुभ दोषों में से एक माना गया है। इस दोष की वजह से मनुष्य के करियर और कारोबार की तरक्की पूरी तरह प्रभावित होती है। इस दौरान दिन-रात कठिन परिश्रम करने के बावजूद भी जातक को अपनी मेहनत के अनुकूल परिणाम बिल्कुल नहीं मिलते हैं।

इस दोष के कारण जातक मानसिक तौर पर भी बहुत ज्यादा परेशान रहता है। संतान प्राप्ति में बाधा आना और विवाह में बेवजह देरी होना भी इसी दोष के मुख्य लक्षण हैं। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए अमावस्या या शनिवार को पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाना चाहिए।

कालसर्प दोष से करियर में अचानक लग जाता है बड़ा ब्रेक

कालसर्प दोष कुंडली का सबसे चर्चित और डरावना दोष माना जाता है। इस दोष की वजह से हंसते-खेलते करियर में अचानक बहुत बड़ा ब्रेक लग जाता है। जीवन में अचानक कोई अनजानी और बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है। यह दोष मनुष्य की मानसिक स्थिति पर भी बहुत गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है।

कालसर्प दोष से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव की नियमित उपासना सबसे उत्तम उपाय है। इस दोष से पीड़ित लोगों को प्रतिदिन शिवलिंग पर तांबे के लोटे से शुद्ध जल चढ़ाना चाहिए। अगर सोमवार का व्रत रखकर इस उपाय को किया जाए तो दोगुना लाभ मिलता है।

राहु और गुरु मिलकर बनाते हैं घातक गुरु चांडाल दोष

जब कुंडली के किसी भाव में पापी ग्रह राहु और देवगुरु बृहस्पति एक साथ बैठते हैं, तब गुरु-चांडाल दोष उत्पन्न होता है। इस खतरनाक दोष की वजह से जातक लाख कोशिशों के बावजूद भी जीवन में तरक्की नहीं कर पाता है। व्यक्ति की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन बेहद दयनीय हो जाती है।

इस दोष के प्रभाव से मनुष्य अपने करियर को लेकर कभी सही निर्णय नहीं ले पाता है। गुरु चांडाल दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे प्रभावशाली उपाय भगवान विष्णु को प्रसन्न करना है। इसके लिए प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें और गुरुवार के दिन व्रत रखकर पीली वस्तुओं का दान करें।

शनि दोष के कारण कामों के बोझ तले दबा रहता है इंसान

शनि दोष के अशुभ प्रभाव की वजह से व्यक्ति की तरक्की बहुत धीरे-धीरे होती है। शनि दोष से पीड़ित जातक कार्यक्षेत्र में हमेशा दुखों और कामों के बोझ तले दबा रहता है। बहुत कोशिश करने के बाद भी मनचाही सफलता नहीं मिलती। जातक की आर्थिक उन्नति भी जगह-जगह रुक-रुककर होती है।

शनि दोष को दूर करने के लिए न्याय के देवता शनिदेव को हमेशा प्रसन्न रखना चाहिए। शनि देव अच्छा चरित्र रखने वाले, गरीबों की मदद करने वाले और कठिन मेहनत करने वालों पर बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीया जरूर जलाएं।

राहु दोष पूरे 18 वर्षों तक देता है असहनीय कष्ट

कुंडली का राहु दोष जातक को पूरे 18 वर्षों तक लगातार कड़े कष्ट देता है। इस दौरान जातक को जीवन के विभिन्न पड़ावों पर गंभीर शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राहु दोष से राहत पाने के लिए सबसे सरल उपाय श्री दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ करना है।

नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से राहु का बुरा प्रभाव तुरंत शांत होता है। अगर कोई व्यक्ति व्यस्तता के कारण संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ नहीं कर सकता है, तो उसे प्रतिदिन पूरी श्रद्धा के साथ दुर्गा चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए। इससे माता रानी की कृपा बरसती है।

Pandit Balkrishan Sharma

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