झारखंड राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट: क्या गौरव वल्लभ बनेंगे बीजेपी के उम्मीदवार, विधायक दल की बैठक में बड़ा फैसला?

Ranchi News: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अचानक बहुत तेज हो गई है। एक सीट पर जीत का चक्रव्यूह रचने के लिए शुक्रवार को प्रदेश भाजपा विधायक दल की बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में चुनावी रणनीति और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर बहुत ही गहन मंथन किया गया।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ राज्यसभा चुनाव के लिए विशेष तौर पर प्रभारी बनाए गए बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह भी शामिल हुए। दोनों शीर्ष नेताओं ने विधायकों के साथ मिलकर चुनाव जीतने की पूरी रणनीति तैयार की।

बीजेपी हर हाल में उतारेगी अपना मजबूत उम्मीदवार

विधायक दल की बैठक खत्म होने के बाद मुख्य सचेतक और हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने का अंतिम निर्णय ले लिया है। केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएगा।

नवीन जायसवाल के मुताबिक, शनिवार सुबह तक उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक और अंतिम घोषणा केंद्रीय आलाकमान द्वारा कर दी जाएगी। इसके तुरंत बाद एनडीए गठबंधन के सभी विधायक एकजुट होकर राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होंगे, जिससे पार्टी की एकजुटता और मजबूत ताकत साफ दिखाई देगी।

गौरव वल्लभ के नाम पर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज

पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अभी किसी नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का दावा है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य गौरव वल्लभ को बीजेपी अपना उम्मीदवार बना सकती है। गौरव वल्लभ फिलहाल रांची में ही मौजूद हैं, जिससे इन चर्चाओं को बल मिला है।

गौरव वल्लभ पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर जमशेदपुर पूर्वी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उनकी मजबूत आर्थिक समझ और राष्ट्रीय स्तर पर प्रखर वक्ता होने की छवि के कारण उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।

पक्ष और विपक्ष के विधायकों से वोट मांगेगी बीजेपी

मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब कोई भी उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरता है, तो उसके पास सदन के सभी 81 विधायकों से वोट मांगने का पूरा लोकतांत्रिक और वैधानिक अधिकार सुरक्षित होता है।

बीजेपी अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों के विधायकों से संपर्क साधेगी। पार्टी के अंदरखाने से मिल रहे संकेतों के मुताबिक, बीजेपी इस चुनाव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। रणनीतिक रूप से विपक्ष के असंतुष्ट विधायकों पर भी नजर रखी जा रही है।

Author: Rohit Mahato

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