Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है। नाम वापसी के बाद प्रदेश में अब 70,224 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हैं। वहीं, राज्य के 51 शहरी निकायों के लिए 17 मई को वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है।
राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में होंगे। मतदान 26, 28 और 30 मई को करवाया जाएगा। मतदाता सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह मतदान बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से होगा। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पंचायत चुनावों के लिए कुल 86,725 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र भरे थे। जांच प्रक्रिया के दौरान 793 नामांकन रद्द कर दिए गए। इसके बाद 15,708 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। अब कुल 70,224 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव प्रचार ने अब काफी जोर पकड़ लिया है।
कांगड़ा में सबसे ज्यादा प्रत्याशी आजमा रहे किस्मत
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा जिला सबसे आगे है। यहां 17,643 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हैं। इसके बाद मंडी में 11,728 प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। चंबा में 7,315 और शिमला में 6,118 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सभी अपनी जीत के लिए पसीना बहा रहे हैं।
हमीरपुर जिले में 4,849 और ऊना में 4,755 प्रत्याशी मैदान में हैं। बिलासपुर में 4,145, सोलन में 4,195 और कुल्लू में 4,098 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सिरमौर में 3,919 प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। किन्नौर में 1,034 और लाहौल-स्पीति में 425 उम्मीदवार इस कड़े चुनावी मुकाबले में शामिल हैं।
शहरी निकायों में रविवार को होगा मतदान
प्रदेश के 51 शहरी स्थानीय निकायों में रविवार को वोट डाले जाएंगे। इनमें 4 नगर निगम और 47 नगर परिषद व पंचायतें शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच गई हैं। शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी प्रशासनिक तैयारियां कर ली गई हैं।
शहरी निकायों में पहले 449 वार्डों में चुनाव प्रस्तावित था। हालांकि कुछ जगह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। दस वार्डों में प्रत्याशी निर्विरोध जीते हैं। करसोग के वार्ड नंबर-7 में कोई नामांकन ही नहीं आया। वहीं मंडी निगम के वार्ड-14 में सभी ने नाम वापस ले लिया। वहां सीट खाली रह गई है।
चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता के लिए खास निर्देश दिए हैं। आकाशवाणी, दूरदर्शन और जनसंपर्क विभाग लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रदेशभर में राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। गली-मोहल्लों में नेताओं के दौरे बढ़ने से चुनावी माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है।

