Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों का मुद्दा अब विधानसभा में गरमा गया है। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने इन केंद्रों में चल रही अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस पर राज्य सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार अब इन स्पा सेंटरों पर लगाम कसने के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करेगी।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने विधायक के सवाल का सदन में विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, आयुष और अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे प्रदेश भर में स्पा सेंटरों के पंजीकरण और उनके संचालन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। सरकार का मुख्य मकसद इन केंद्रों की आड़ में पनप रही किसी भी गलत गतिविधि को पूरी तरह रोकना है।
मंत्री ने विधानसभा में राज्य के पंजीकृत स्पा सेंटरों का आधिकारिक आंकड़ा भी पेश किया। वर्तमान में पूरे हिमाचल प्रदेश में केवल 61 स्पा सेंटर ही पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा 29 सेंटर कुल्लू जिले में और 17 कांगड़ा में चल रहे हैं। इसके अलावा शिमला में 12, सोलन में दो और लाहुल स्पीति में सिर्फ एक स्पा सेंटर पंजीकृत है।
सात जिलों में कोई पंजीकृत स्पा सेंटर नहीं
हैरानी की बात यह है कि राज्य के सात जिलों में एक भी स्पा सेंटर पंजीकृत नहीं है। मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा, किन्नौर और सिरमौर जिलों में कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं हुआ है। उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि बड़े होटलों को स्पा के लिए अलग से पंजीकरण की जरूरत नहीं होती है। उनका स्पा सेंटर होटल के मुख्य पंजीकरण में ही स्वतः शामिल माना जाता है।
सभी मौजूदा स्पा सेंटरों का पंजीकरण हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य संस्थान अधिनियम 1969 के तहत हुआ है। इस अधिनियम की धारा 13 इन केंद्रों को कानूनी मान्यता प्रदान करती है। सरकार अब इन सभी नियमों को और अधिक सख्त बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य, आयुष और अन्य विभागों की एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।
विधायक गौड़ ने बिना पंजीकरण के चल रहे स्पा सेंटरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि कई जगहों पर बिना किसी रोक-टोक के अवैध गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही हैं। इस पर मंत्री ने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से पुलिस में शिकायत करने की अपील की। पुलिस में ठोस शिकायत दर्ज होने पर ही कानून के तहत उचित और सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।


