West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में लगभग इक्यानवे लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं। यह बड़ी कार्रवाई न्यायिक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक इसके अंतिम आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इतने बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम कटने से राजनीतिक दलों में काफी बेचैनी बढ़ गई है। इस बदलाव का सीधा असर आगामी चुनाव पर पड़ेगा।
न्यायिक जांच के बाद चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। न्यायिक निर्णय के लिए कुल साठ लाख छह हजार मामले भेजे गए थे। इनमें से करीब उनसठ लाख मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन मामलों पर न्यायिक अधिकारियों ने ई-हस्ताक्षर कर दिए हैं। जांच में सत्ताईस लाख सोलह हजार मतदाताओं को हटाने योग्य माना गया है। अब केवल कुछ मामलों पर ई-हस्ताक्षर होने बाकी हैं। इसके बाद आंकड़े जारी होंगे।
कैसे पहुंचा इक्यानवे लाख तक हटाए गए वोटरों का आंकड़ा
राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की कुल संख्या सात करोड़ छियासठ लाख थी। पिछले साल दिसंबर की मसौदा सूची में अट्ठावन लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद अठाइस फरवरी को जारी अंतिम वोटर लिस्ट में यह संख्या तिरसठ लाख के पार पहुंच गई। अब न्यायिक अधिकारियों ने सत्ताईस लाख से अधिक नए नामों को हटाने लायक पाया है। इस तरह राज्य में हटाए गए वोटरों की कुल संख्या नब्बे लाख तिरासी हजार हो गई है।
मुर्शिदाबाद और उत्तर चौबीस परगना में सबसे ज्यादा एक्शन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार सबसे ज्यादा नाम मुर्शिदाबाद जिले से काटे गए हैं। यह एक अल्पसंख्यक बहुल इलाका माना जाता है। यहां से कुल चार लाख पचपन हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके बाद उत्तर चौबीस परगना जिले का नंबर आता है। वहां से तीन लाख पच्चीस हजार नाम हटाए गए हैं। हालांकि जिन वोटरों के नाम काटे गए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग उन्हें अपील करने का एक मौका देगा।
अप्रैल में दो चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने मतदान के लिए तेईस अप्रैल और उनतीस अप्रैल की तारीख तय की है। पहले चरण में राज्य की एक सौ बावन विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद दूसरे चरण में बाकी बची एक सौ बयालीस सीटों पर मतदाता वोट डालेंगे। दोनों चरणों का मतदान पूरा होने के बाद चार मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों पर सबकी नजर है।


