भीषण गर्मी के बीच पलटा मौसम का मिजाज, यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का ‘येलो अलर्ट’

India News: मई की शुरुआत के साथ ही देश के बड़े हिस्से में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 मई 2026 को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस बेमौसम बदलाव से जहां भीषण लू से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।

इन 17 राज्यों में दिखेगा कुदरत का रौद्र रूप

मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को देश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। यूपी-बिहार के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में भारी मेघ गर्जना की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी मानसून से पूर्व की बारिश अपना असर दिखाएगी। वहीं पूर्वोत्तर के असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 70 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

दिल्ली-NCR में लू से राहत, येलो अलर्ट जारी

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार से ही दिखने लगा है। IMD ने 3 और 4 मई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटें पड़ने की संभावना जताई है। दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। बारिश और हवाओं के चलते दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 150 के करीब रहेगा, जिससे लोगों को प्रदूषण और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ओले गिरने की आशंका

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ने वाला है। उत्तराखंड के नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश और आंधी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और कांगड़ा जैसे इलाकों में भी आसमान से आफत बरस सकती है। जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।

किसानों की फसल पर मंडराया संकट

मई के महीने में हो रही इस अचानक बारिश ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खासतौर पर बागवानी से जुड़े किसानों के लिए 70 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं तबाही ला सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। पहाड़ों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी सावधानी बरतने और स्थानीय अपडेट चेक करने को कहा गया है।

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