New Delhi News: दुनिया इस समय युद्ध और गहरे आर्थिक संकट से गुजर रही है। महंगाई और तेल सप्लाई की चिंता ने सभी को डरा दिया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स में एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर तुरंत नहीं संभले, तो करोड़ों लोग फिर से गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे।
पीएम मोदी का यह बयान बेहद गंभीर समय पर आया है। पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। तेल संकट और सप्लाई चेन की दिक्कतों ने सरकारों की नींद उड़ा दी है। हेग में उन्होंने बताया कि कोरोना के बाद से दुनिया लगातार नए संकट झेल रही है। अब ऊर्जा संकट सबसे बड़ी चुनौती है।
क्या ‘आपदाओं का दशक’ बन जाएगा यह समय?
प्रधानमंत्री ने इस दशक को ‘आपदाओं का दशक’ बनने की आशंका जताई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इजरायल और ईरान का टकराव भी तेल बाजार में अस्थिरता ला रहा है। होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री रास्ते पर मंडराते खतरे ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीएम मोदी ने भारत की मजबूत वैश्विक भूमिका पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के आगे बढ़ने से पूरी मानवता का भला होता है। दुनिया अब एक भरोसेमंद सप्लाई नेटवर्क की तलाश में है। भारत और नीदरलैंड मिलकर भविष्य के लिए ऐसी ही पारदर्शी सप्लाई चेन बनाने पर तेजी से काम कर रहे हैं।
कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को एक बहुत बड़ा सबक सिखाया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी एक देश पर अधिक निर्भरता काफी खतरनाक हो सकती है। यही कारण है कि दुनिया अब नए विकल्प खोज रही है। भारत ने ग्लोबल सप्लाई चेन में खुद को एक बहुत मजबूत और सुरक्षित विकल्प के तौर पर पेश किया है।
ईंधन बचाने के लिए पीएम मोदी की खास अपील
यूरोप दौरे पर जाने से पहले पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक खास अपील की थी। उन्होंने देशवासियों से ‘स्वैच्छिक सादगी’ अपनाने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग वर्क फ्रॉम होम करें और बेवजह विदेश यात्राएं टालें। इसके साथ ही उन्होंने सोने की खरीदारी को भी सीमित रखने की बहुत अहम सलाह दी है।
प्रधानमंत्री ने ईंधन की बचत को सीधे देशभक्ति से जोड़ दिया है। उन्होंने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कार पूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा है। सरकार का मानना है कि इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी। इसके अलावा, युद्ध जैसी गंभीर वैश्विक परिस्थितियों का देश की अर्थव्यवस्था पर असर काफी कम होगा।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम बढ़ाएंगे महंगाई
सरकारी तेल कंपनियों ने पूरे चार साल बाद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। दोनों ईंधनों में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण यह फैसला लिया गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये हो गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट बहुत महंगा हो जाएगा। इसका असर सब्जियों से लेकर रोजमर्रा के सामान पर दिखेगा। खेती, फैक्ट्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर भी इस महंगाई की चपेट में बुरी तरह से आ सकते हैं।
वैश्विक हालात इस समय कई मोर्चों पर भारी दबाव का सामना कर रहे हैं। पीएम मोदी का संदेश पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर सभी देश मिलकर सप्लाई चेन मजबूत नहीं करेंगे, तो हालात बिगड़ेंगे। जिम्मेदार आर्थिक व्यवहार और ऊर्जा की बचत ही हमें आने वाले इस बड़े वैश्विक संकट से बचा सकती है।
Author: Pallavi Sharma

