Delhi News: दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के डायरेक्टर विनेश कुमार चंदेल को नियमित जमानत दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी जमानत का विरोध न करने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने विनेश चंदेल को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत बांड पर राहत दी है। कोर्ट ने ईडी के उस बयान को भी रिकॉर्ड पर लिया जिसमें चंदेल के सार्थक सहयोग की बात कही गई थी।
अदालत ने जमानत के साथ लगाईं कड़ी शर्तें
नियमित जमानत देते हुए अदालत ने विनेश चंदेल पर कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं। आदेश के अनुसार, चंदेल बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ सकेंगे और उन्हें जांच प्रक्रिया में लगातार सहयोग करना होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेगा। विनेश चंदेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने दलीलें पेश कीं। इससे पहले मंगलवार को अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इसके लिए असाधारण परिस्थितियां जरूरी हैं।
मां की बीमारी के आधार पर पहले खारिज हुई थी अर्जी
विनेश चंदेल ने पहले अपनी 74 वर्षीय मां की बीमारी का हवाला देकर अंतरिम राहत मांगी थी। कोर्ट ने तब कहा था कि डिमेंशिया एक पुरानी बीमारी है और इसके लिए आरोपी की तत्काल उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। अदालत का मानना था कि परिवार के अन्य सदस्य भी देखभाल के लिए मौजूद हैं। गंभीर आर्थिक अपराधों के मामले में मानवीय आधार पर राहत देने के लिए कोर्ट ने ऊंचे मापदंड तय किए थे। पर्याप्त मेडिकल दस्तावेजों के अभाव में तब चंदेल की दलीलें बेबुनियाद साबित हुई थीं।
आर्थिक अपराधों की गंभीरता पर कोर्ट की टिप्पणी
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 45 का जिक्र करते हुए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि गंभीर आर्थिक अपराध वित्तीय प्रणाली पर गहरा असर डालते हैं। ऐसे मामलों में जमानत देते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कथित तौर पर अपराध से हासिल पैसों को सुनियोजित वित्तीय लेन-देन के जरिए ठिकाने लगाने के आरोप चंदेल पर लगे हैं। अदालत ने निष्कर्ष निकाला था कि सहानुभूति जगाने वाले आधार कानूनी अनिवार्यताओं की जगह नहीं ले सकते।
क्या है पूरा मामला और चंदेल की गिरफ्तारी की वजह?
आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश कुमार चंदेल को कोयले की कथित चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की गहन जांच कर रहा है। 23 अप्रैल, 2026 को एक अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। उन पर अपराध की कमाई को नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए इधर-उधर करने का गंभीर आरोप है। अब ईडी के रुख में नरमी और चंदेल के सहयोग को देखते हुए उन्हें नियमित जमानत मिल गई है।


