अमरूद के लिए फौजी ने मासूम बच्ची को बांधकर पीटा! महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान, जानें पूरा मामला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊना में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना हुई है। एक पूर्व सैनिक ने मामूली बात पर एक मासूम बच्ची को खौफनाक सजा दी है। इस बच्ची ने पेड़ से एक अमरूद तोड़ लिया था। आरोपी ने बच्ची को घर के अंदर रेलिंग से बांध दिया। उसने बच्ची को बहुत बेरहमी से पीटा। पुलिस ने इस अमानवीय कृत्य पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

अमरूद तोड़ने पर दी भयानक सजा

यह झकझोर देने वाली घटना ऊना जिले के बहडाला गांव में घटी है। पांच अप्रैल को एक प्रवासी बच्ची खेल रही थी। उसने आरोपी के पेड़ से अमरूद तोड़ लिया था। इससे गुस्साए रिटायर्ड फौजी ने बच्ची को पकड़ लिया। उसने मासूम को सीढ़ियों की रेलिंग से बांधकर पीटना शुरू कर दिया। बच्ची लगातार रोती रही और मदद के लिए गुहार लगाती रही। लेकिन आरोपी फौजी का दिल बिल्कुल नहीं पसीजा और वह उसे मारता रहा।

मर्चेंट नेवी अफसर ने बचाई जान

इसी दौरान वहां से मर्चेंट नेवी में काम करने वाले रोहित जसवाल गुजर रहे थे। उन्होंने बच्ची को बंधा हुआ देखा। बच्ची रोते हुए कह रही थी कि अंकल मुझे बचा लो। रोहित तुरंत वहां पहुंचे और उन्होंने आरोपी से कड़े सवाल किए। उन्होंने पूछा कि अमरूद तोड़ने पर क्या इतनी खौफनाक सजा दी जाती है। रोहित ने अपनी जान की परवाह किए बिना उस मासूम बच्ची को खोला। इसके बाद उन्होंने बच्ची को सुरक्षित घर पहुंचा दिया।

वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई

रोहित जसवाल ने घटना का पूरा वीडियो भी अपने मोबाइल से बना लिया था। उन्होंने तुरंत पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी पूरी सूचना दी। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम को देखते ही आरोपी फौजी बहुत घबरा गया और माफी मांगने लगा। लेकिन तब तक उसका वह अमानवीय वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो चुका था। लोग वीडियो देखकर आरोपी पर बहुत ज्यादा गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

इन सख्त धाराओं में दर्ज हुआ केस

ऊना पुलिस ने इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2) और 127(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 भी लगाई गई है। ऊना के पुलिस अधीक्षक सचिन हीरामठ ने इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है। पुलिस इस मामले की बहुत ही गहराई से जांच कर रही है।

महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान

इस गंभीर घटना की गूंज राज्य महिला आयोग तक भी पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने सोशल मीडिया पर अहम जानकारी दी है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है। वहीं पुलिस ने पीड़ित मासूम बच्ची का क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पूरा मेडिकल परीक्षण करा लिया है। बच्ची अभी भी बहुत ज्यादा डरी और सहमी हुई है।

आरोपी की गिरफ्तारी की भारी मांग

इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोग आरोपी पूर्व सैनिक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हर कोई इस क्रूर व्यवहार की सख्त शब्दों में निंदा कर रहा है। लोगों का कहना है कि मासूम बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता को पूरा भरोसा दिलाया है कि आरोपी बहुत जल्द गिरफ्तार होगा।

पुलिस प्रशासन ने दिया न्याय का भरोसा

पुलिस प्रशासन इस पूरे संवेदनशील मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। जांच टीम ने घटना स्थल का पूरा मुआयना कर लिया है। आसपास के लोगों के बयान भी अच्छी तरह दर्ज किए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार जांच टीम से पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। बाल कल्याण समिति भी इस मामले में बच्ची की मानसिक स्थिति का पूरा ध्यान रख रही है। आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

प्रवासी परिवारों में पैदा हुआ भारी खौफ

इस दर्दनाक घटना ने प्रवासी परिवारों में भारी खौफ पैदा कर दिया है। मजदूरी करने वाले गरीब परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने इन सभी परिवारों को पूरी सुरक्षा देने का पक्का वादा किया है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह शांति बनाए रखें और पुलिस का सहयोग करें।

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