Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में फैमिली कोर्ट ने एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने सेना में तैनात एक मेजर को उसकी पत्नी से तलाक की मंजूरी दे दी है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश नविश भारद्वाज की अदालत ने पत्नी के बर्ताव को मानसिक क्रूरता माना है। जज ने स्पष्ट किया कि ऐसे हालात में पति के लिए रिश्ता निभाना मुमकिन नहीं है। दोनों की शादी 28 नवंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। अदालत ने बिना भरण-पोषण तय किए इस रिश्ते को खत्म कर दिया है।
लद्दाख सीमा पर तैनात फौजी को भेजा खौफनाक वीडियो
इस मामले में कई दर्दनाक बातें सामने आईं। मेजर लद्दाख के एक बेहद संवेदनशील सीमा क्षेत्र में तैनात थे। देश की रक्षा कर रहे इस फौजी को उसकी पत्नी ने आत्महत्या की कोशिश का वीडियो भेजा। कोर्ट ने इसे एक सैनिक के लिए भयानक मानसिक प्रताड़ना माना। अदालत ने कहा कि ऐसी धमकियां किसी भी फौजी के दिमाग पर बहुत बुरा असर डालती हैं। यह फौजी के लिए एक असहनीय मानसिक दबाव पैदा करता है।
सेना के अफसरों और विभागों में की झूठी शिकायतें
पत्नी ने मेजर की पेशेवर जिंदगी बर्बाद करने की पूरी कोशिश की। उसने सेना के आला अधिकारियों से पति की शिकायतें कीं। उसने मानवाधिकार विभाग और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन में भी बेबुनियाद आरोप लगाए। अदालत ने माना कि बिना किसी ठोस सबूत के ऐसी शिकायतें करना गलत है। यह सीधा पति की छवि और उसके करियर को नुकसान पहुंचाने की साजिश है।
पति को बिना बताए अंबाला के अस्पताल में की नौकरी
सुनवाई के दौरान कोर्ट में एक और बड़ा सच सामने आया। 12 फरवरी 2023 को पत्नी अपना ससुराल छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उसने हरियाणा के अंबाला में हीलिंग टच पार्क अस्पताल में नौकरी शुरू कर दी। उसने यह बात अपने फौजी पति को भी नहीं बताई। कोर्ट ने इसे वैवाहिक जीवन से अलग होने का साफ संकेत माना। मेजर ने जनवरी 2024 में अंबाला जाकर भी रिश्ते को बचाने की कोशिश की थी।
तनाव के चलते मेजर के पिता को मार गया लकवा
इस पारिवारिक कलह का सबसे बुरा असर मेजर के पिता पर पड़ा। पिता ने अदालत में नम आंखों से अपनी गवाही दी। उन्होंने बताया कि बहू के बर्ताव के कारण उन्हें गहरा मानसिक सदमा लगा है। लगातार रहने वाले तनाव के कारण उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया। इसी वजह से उन्हें लकवा मार गया। इस भयानक बीमारी के कारण उनकी दाईं आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।
दहेज और मारपीट के सारे आरोप निकले बेबुनियाद
पत्नी ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसने कहा कि ससुराल वाले मारपीट करते हैं और 20 लाख रुपये की कार मांगते हैं। लेकिन वह अदालत में एक भी सबूत पेश नहीं कर सकी। उसके पास कोई पुलिस शिकायत या मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी। एक जन्मदिन के वीडियो में भी वह बिल्कुल सामान्य नजर आई। इसके बाद कोर्ट ने व्हाट्सएप चैट और पेन ड्राइव के सबूतों पर तलाक का फैसला सुना दिया।


