New Delhi News: भारतीय रुपया डॉलर के सामने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। रुपया बुरी तरह टूटकर 94.70 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इस भारी गिरावट ने देश की अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। विदेशी मुद्रा बाजार में इस समय हाहाकार मचा हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि रुपये में यह गिरावट अभी थमेगी नहीं।
रुपये में अभी 2.5 फीसदी की और आ सकती है गिरावट
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक रुपये का गिरना अभी जारी रहेगा। जानकारों का अनुमान है कि रुपये में 2 से 2.5 फीसदी की और गिरावट हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि देश में महंगाई का नया दौर आ सकता है। रुपया कमजोर होने से भारत के लिए विदेशी सामान मंगाना महंगा हो जाता है। इसका सबसे बुरा असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता है। आयात महंगा होने से पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने की चीजें महंगी होने का खतरा बढ़ जाता है।
आखिर कब रुकेगी रुपये की यह भारी गिरावट?
इस समय हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि यह गिरावट कब रुकेगी। दुनिया भर के बाजारों में अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से अपना पैसा तेजी से निकाल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी इसकी एक बड़ी वजह है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। जानकारों का कहना है कि स्थिति न सुधरने पर रिजर्व बैंक को बाजार में दखल देना होगा। फिलहाल जानकारों ने निवेशकों को बाजार में बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है।


