कोलकाता में अवैध क्लॉक टावर पर चला बुलडोजर, कोर्ट के कड़े आदेश के बाद आखिर क्यों ढहा दी गई यह ऐतिहासिक संरचना?

Kolkata News: कोलकाता के गरिया इलाके में स्थित मिताली संघ क्लब के खेल मैदान पर बना विवादित क्लॉक टावर आखिरकार जमींदोज कर दिया गया है। कलकत्ता हाई कोर्ट के सख्त आदेश के करीब 11 महीने बाद नगर निगम की टीम ने गुरुवार को भारी क्रेनों की मदद से इस अवैध ढांचे को गिरा दिया। यह कार्रवाई खेल के मैदान को अतिक्रमण मुक्त करने और अदालती आदेशों के अनुपालन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मिताली संघ क्लब ने साल 2024 में इस संरचना के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की थी। क्लब का आरोप था कि स्थानीय मैदान पर बिना किसी पूर्व अनुमति के इस क्लॉक टावर का निर्माण किया गया था, जो पूरी तरह अवैध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने कोलकाता नगर निगम को विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। निगम ने अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया कि टावर का निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था।

अवैध कब्जे के खिलाफ लंबी कानूनी जंग और प्रशासनिक कार्रवाई

नगर निगम ने अदालत को यह भी जानकारी दी थी कि इस संरचना को लेकर क्लब के भीतर भी आपसी विवाद की स्थिति बनी हुई थी। अंततः जून 2025 में हाई कोर्ट ने इसे ध्वस्त करने का अंतिम आदेश जारी किया। निगम ने इससे पहले अगस्त 2025 में भी इसे गिराने की कोशिश की थी, लेकिन तब तकनीकी कारणों से सफलता नहीं मिली थी। गुरुवार को हुई इस अंतिम कार्रवाई से खेल मैदान अब पूरी तरह खाली हो गया है।

क्लब के उपाध्यक्ष आशीष नस्कर ने बताया कि साल 2023 में स्थानीय पार्षद ने क्लब की सहमति के बिना इस टावर का निर्माण करवाया था। इस अवैध ढांचे की वजह से लंबे समय से खेल टूर्नामेंट आयोजित करने में बाधाएं आ रही थीं। क्लब के पदाधिकारियों के अनुसार, राज्य में प्रशासनिक बदलाव और कानूनी प्रक्रिया के सुचारू होने के बाद ही यह कार्रवाई संभव हो सकी। अब स्थानीय खिलाड़ी फिर से इस मैदान का उपयोग निर्बाध रूप से कर पाएंगे।

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