ऊर्जा संरक्षण के लिए राजभवन की बड़ी पहल! राज्यपाल और मंत्री श्रवण कुमार ने अपने काफिले में की भारी कटौती

Patna News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच बिहार के राजभवन से पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश सामने आया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) सैय्यद अता हसनैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का समर्थन करते हुए अपने कारकेड में शामिल वाहनों की संख्या को सीमित करने का कड़ा निर्देश दिया है। अब राज्यपाल के काफिले में 12 गाड़ियों के बजाय केवल तीन वाहन ही शामिल रहेंगे, जिससे ईंधन की खपत में बड़ी कमी आएगी।

राज्यपाल ने न केवल अपने काफिले को छोटा किया है, बल्कि राजभवन सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सचिवालय में पदस्थापित कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी वाहनों का उपयोग तभी करें जब वह अत्यंत आवश्यक हो। इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर फिजूलखर्ची रोकना और आम जनता के बीच ऊर्जा बचाने के प्रति जागरूकता फैलाना है। राज्यपाल के इस कदम की प्रशासनिक गलियारों में काफी सराहना हो रही है।

मंत्री श्रवण कुमार ने भी बदला अपना काफिला, सादगी के साथ करेंगे यात्रा

राज्यपाल की इस पहल से प्रेरित होकर बिहार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने भी अपने काफिले के वाहनों में कटौती का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, जिन्हें वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, अब केवल तीन वाहनों के साथ ही आधिकारिक यात्राएं करेंगे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्होंने न्यूनतम संसाधनों के साथ कार्य करने की इच्छा जताई है।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए हर जनप्रतिनिधि का यह कर्तव्य है कि वह ऊर्जा संरक्षण में अपना योगदान दे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना वे पर्यावरण सुरक्षा की इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे। बिहार में एक साथ राज्यपाल और एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री द्वारा उठाए गए ये कदम राज्य में ‘ग्रीन गवर्नेंस’ की एक नई दिशा तय कर रहे हैं, जिससे अन्य नेताओं पर भी सादगी अपनाने का नैतिक दबाव बढ़ेगा।

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