भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत की खबरों पर सरकार का बड़ा बयान, क्या सच में खत्म हो रहा है स्टॉक?

New Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर स्थिति साफ कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जा रही है। वहीं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति का भरोसा

अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि घरेलू पीएनजी कनेक्शनों के लिए गैस की कोई कमी नहीं है। सरकार परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की मांग को भी पूरी तरह से पूरा कर रही है। पश्चिम एशिया संकट के कारण आयात पर जरूर कुछ असर पड़ा है, लेकिन भारत सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

एलपीजी की किल्लत केवल अफवाह, ऑनलाइन बुकिंग की सलाह

एलपीजी के मुद्दे पर सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। किसी भी वितरक के पास स्टॉक खत्म होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने उपभोक्ताओं को आगाह किया कि कुछ क्षेत्रों में फैली अफवाहों के कारण लोग घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) कर रहे हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे वितरकों के शोरूम पर भीड़ न लगाएं और ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प चुनें।

रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक

ईंधन की उपलब्धता पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश भर में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त है। किसी भी पेट्रोल पंप से कमी की सूचना नहीं मिली है। हमारी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार ने यह भी साफ किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। उद्योगों को संकट से बचाने के लिए कोयला और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों की आपूर्ति बढ़ाई गई है।

व्यावसायिक गैस आपूर्ति में सुधार, 70 प्रतिशत तक बहाली

व्यावसायिक क्षेत्र में भी ईंधन की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है। सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति को 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले अप्रैल महीने में अब तक 1,47,000 टन से अधिक व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री की जा चुकी है। इससे होटल और अन्य उद्योगों को राहत मिली है। सरकार हर स्तर पर निगरानी रख रही है ताकि आम जनता को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत, 5 किलो के सिलेंडरों की रिकॉर्ड बिक्री

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल महीने में देश भर में 81 हजार से अधिक पांच किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री हुई है। अब इनकी कुल संख्या 17.83 लाख तक पहुंच गई है। ये छोटे सिलेंडर मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। सरकार छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि कमजोर वर्ग पर संकट का असर न पड़े।

पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार, लाखों नए कनेक्शन

देश में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में 5.27 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण पूरा किया गया है। इसके अलावा 2.60 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए ढांचा तैयार है, जिससे कुल कनेक्शन 7.87 लाख हो गए हैं। लगभग 5.97 लाख नए ग्राहकों ने पंजीकरण कराया है। दिलचस्प बात यह है कि 42 हजार से अधिक ग्राहकों ने पीएनजी मिलने के बाद अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।

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