India News: भारत में अप्रैल के महीने में आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है। लेकिन इस साल मौसम ने अचानक करवट ली है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अभी से ठंडक लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में भी गर्मी का असर बहुत कम है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी राज्यों में भारी तबाही मची है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। इस बेमौसम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हालात काफी खराब हैं। यहां का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बारिश के बाद शिमला के मिनी कुफ्टाधार में अचानक भूस्खलन हो गया। इसके कारण कई मकान खतरे में आ गए। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य में इस महीने सामान्य से 142 फीसदी अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक यहां भारी बारिश की सख्त चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आकाशीय बिजली का अलर्ट
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में मौसम बिल्कुल शुष्क है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में अभी भी घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में बारिश की आशंका जताई है। इन जिलों में बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी हुआ है। इसके अलावा केदारनाथ धाम और इसके आसपास भारी बर्फबारी देखी गई है। इस ताजा बर्फबारी से पूरे इलाके में एक बार फिर कड़ाके की ठंडक लौट आई है।
कश्मीर घाटी में पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा मुश्किलें
जम्मू और कश्मीर में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचे इलाकों में अभी बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में कुछ समय तक मौसम साफ रहेगा। पंद्रह अप्रैल से मौसम फिर अपनी करवट लेगा। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से घाटी में दोबारा बर्फबारी हो सकती है। इस बदलाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।


